सीएम से हुई किसानों की बात, नहीं दिखाएंगे पीएम को काले झंडे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सैमसंग कंपनी की नई इकाई का उद्घाटन करने के लिए सोमवार को नोएडा आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों ने काले झंडे दिखाने की बात कही थी, लेकिन जिलाधिकारी ने किसानों के संगठन को रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाकर उनको शांत करा दिया।
किसानों ने निर्णय लिया है कि वह पीएम को काले झंडे नहीं दिखाएंगे, लेकिन योगी के आश्वासन से वह संतुष्ट नहीं है। जल्द ही आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। जिलाधिकारी ने किसानों को वार्ता के लिए रविवार सुबह में नोएडा कैंप आफिस पर बुलाया।
इस दौरान किसानों ने जिलाधिकारी से शर्त रखी कि अगर वह मुख्यमंत्री से उनकी वार्ता करा देंगे तो पीएम को काले झंडे नहीं दिखाएंगे। इसके बाद किसानों को जिलाधिकारी ने करीब 2 बजे बुलाया और सैमसंग कंपनी के एक हॉल में बैठा दिया।
सीएम ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की, लेकिन सीएम ने किसानों से ही सवाल कर दिया कि क्या वह जिले और यूपी का विकास नहीं चाहते हैं। क्या नोएडा से एयरपोर्ट को दूसरे प्रदेशों में भेजना चाहते हैं। इस पर किसानों ने कहा कि वह ऐसा कतई नहीं चाहते हैं, लेकिन हमें भी हक मिलना चाहिए।
सीएम के साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, उद्योग मंत्री सतीश महाना, नोएडा विधायक पंकज सिंह, दादरी विधायक तेजपाल सिंह और जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह के अलावा डीएम और एसएसपी भी मौजूद रहे। वहीं, किसानों के प्रतिनिधि मंडल में पूर्व चेयरमैन बिजेंद्र भाटी, डॉ. रूपेश वर्मा, कपिल गुर्जर, अमित पहलवान, सुखवीर आर्य, प्रवीण भारतीय, प्रमोद भाटी, अशोक कैप्टन, सुनील फौजी समेत कई अन्य किसान भी मौजूद रहे।
जिले और प्रदेश के विकास में बाधा न बने क्षेत्र के लोग
सीएम ने किसानों से कहा कि वह प्राधिकरणों पर धरना-प्रदर्शन करके ज्यादा परेशान न करें। तीनों प्राधिकरणों की आर्थिक हालत खराब है। किसान अपना अधिकार तो लें, लेकिन प्राधिकरणों पर रोज धरना-प्रदर्शन करके उनके विकास कार्य में बाधा उत्पन्न न करें।
जिले के कई मुद्दे उनके संज्ञान में हैं और वह जल्द ही उन सभी पर अधिकारियों व कानूनविदों की राय लेकर उनका निराकरण करा देंगे। उन्होंने किसानों से कहा कि पंजाब और हरियाणा एयरपोर्ट को अपने प्रदेश में ले जाना चाह रहे हैं।
अगर किसान नहीं मानें और अड़ंगा लगाया तो प्रदेश से एयरपोर्ट छिन जाएगा, वह प्रदेश के विकास में सहभागिता निभाएं। वहीं, केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने किसानों से कहा कि यदि उनको प्राधिकरण अधिकारियों की ओर से काम नहीं करने को लेकर आपत्ति है तो वह कोर्ट जाएं।
किसानों की मांगे
- प्राधिकरण अभी केवल 6 फीसदी भूखंड दे रहा है जबकि अदालत ने 10 फीसदी देने का आदेश दिया था।
- किसानों की जो भी जमीन का अधिग्रहण हो वह 2013-2014 की अधिग्रहण नीति के तहत किया जाए।
- कंपनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाया जाए और इसके लिए उनके लिए आरक्षण घोषित हो।
- जिले में ग्राम पंचायत चुनाव हों और यदि उसे बहाल नहीं कर सकते हैं नोएडा-ग्रेनो में नगर निकाय बनाए जाए।
- प्राधिकरण हर गांव के लिए विकास राशि तय करें जिससे गांवों का विकास और मरम्मत का कार्य हो पाए।