दिल्ली में वायु प्रदूषण से जंग: रेखा सरकार का बड़ा कदम, छह नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन और 100 'वायु रक्षक' शुरू
राजधानी में 6 नए सीएएक्यूएमएस जेएनयू, इग्नू, एसपीएमएसपीसी तालकटोरा गार्डन, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दिल्ली कैंटोनमेंट और एनएसयूटी (वेस्ट कैंपस) में स्थापित किए गए हैं।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सोमवार को 6 नए वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन और 100 ‘वायु रक्षक’ पहल का शुभारंभ किया। सीएम कहा कि प्रदूषण के खिलाफ पूरे साल अभियान चलाया जाएगा। दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा व पर्यावरण विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने निगरानी स्टेशनों का ऑनलाइन उद्धाटन किया और ‘वायु रक्षक’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण पर काम करना सिर्फ तीन-चार महीनों की जिम्मेदारी नहीं है। यह 365 दिन का विषय है। राजधानी को साफ व स्वच्छ देना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पीएम 10 और पीएम 2.5 का डेटा हर घंटे और अन्य पैरामीटर्स का डेटा हर 5 मिनट में ऑनलाइन अपडेट होता है। यह डेटा सार्वजनिक है, छुपाया नहीं जा सकता।
2028 तक 14 हजार क्लीन फ्यूल बसों को लाने का लक्ष्य
सीएम ने बताया कि 2028 तक 14,000 क्लीन फ्यूल बसों को दिल्ली में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही कूड़े के पहाड़ को खत्म करने, वेस्ट टू एनर्जी, मिस्ट स्प्रे, लिटर पिकर, मैकेनिकल रोड स्वीपर, एंटी स्मोग और ग्रीन कवर का विस्तार को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि 2024 में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) में 233 पद रिक्त थे, जिनमें से 157 पद केवल 11 महीनों में भर दिए गए। जो पिछली 10 वर्षों की तुलना में लगभग दोगुना है।
एयर मॉनिटरिंग नेटवर्क का प्रभावी विस्तार
राजधानी में 6 नए सीएएक्यूएमएस जेएनयू, इग्नू, एसपीएमएसपीसी तालकटोरा गार्डन, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दिल्ली कैंटोनमेंट और एनएसयूटी (वेस्ट कैंपस) में स्थापित किए गए हैं। इनके जुड़ने से दिल्ली में अब कुल 46 सीएएक्यूएमएस स्थापित हो चुके हैं। इन 46 स्टेशनों में से 30 दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), 10 भारत मौसम विज्ञान विभाग/आईआईटीएम, और 6 केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। आने वाले समय में 14 और स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
'वायु रक्षक': मॉनिटरिंग के साथ-साथ इंफोर्समेंट
कार्यक्रम में 100 ‘वायु रक्षक’ की तैनाती की भी औपचारिक शुरुआत की गई, जो डीपीसीसी के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करेंगे। इसके अतिरिक्त 600 वायु रक्षक दिल्ली पुलिस के सहयोग से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निगरानी कर रहे हैं।