देश के लिए क्या जरूरी: सीएम केजरीवाल ने उठाए सवाल, कहा- वन नेशन वन इलेक्शन या वन नेशन वन एजुकेशन
सीएम अरविंद केजरीवाल ने वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि देश के लिए वन नेशन वन इलेक्शन जरूरी है या फिर वन नेशन वन एजुकेशन जरूरी है।
विस्तार
पूरे देश में वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर चर्चा हो रही है। इसी के चलते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश के लिए क्या जरूरी है, वन नेशन वन इलेक्शन या फिर वन नेशन वन एजुकेशन। अरविंद केजरीवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि, देश के लिए क्या जरूरी है? वन नेशन वन इलेक्शन या वन नेशन वन एजुकेशन (अमीर हो या गरीब, सबको एक जैसी अच्छी शिक्षा), वन नेशन वन इलाज (अमीर हो या गरीब सबको एक जैसा इलाज) आम आदमी को वन नेशन वन इलेक्शन से क्या मिलेगा?
देश के लिए क्या ज़रूरी है?
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 3, 2023
वन नेशन वन इलेक्शन
या
वन नेशन वन एजुकेशन (अमीर हो या गरीब, सबको एक जैसी अच्छी शिक्षा)
वन नेशन वन इलाज (अमीर हो या गरीब, सबको एक जैसा अच्छा इलाज)
आम आदमी को वन नेशन वन इलेक्शन से क्या मिलेगा?
आम आदमी पार्टी के मंत्री सौरभ भरद्वाज ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार डर गई है। वो किसी तरह से जीतना चाहती है। INDIA गठबंधन के अस्तित्व में आने के बाद वो किसी तरह से जीतना चाहती हैं। कायस लगाए जा रहे हैं कि केंद्र सरकार ने संसद का जो विशेष सत्र बुलाया है, उसमें वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर चर्चा हो सकती है। हालांकि भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा है कि संसद के इस विशेष सत्र में वन नेशन वन इलेक्शन बिल आने की उम्मीद नहीं है।