कांग्रेस से गठबंधन के कयासों के बीच केजरीवाल की अपील- ध्यान से वोट देना, सारी सीटें आप को देना
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महागठबंधन से अलग चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी आम आदमी पार्टी इन दिनों आक्रामक रुख अख्तियार करती नजर आ रही है। इसकी एक बानगी दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के एक भाषण में देखने को मिली।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए कांग्रेस को वोट न देने की अपील की। केजरीवाल की यह अपील उस वक्त सामने आ रही है जब राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस और आप के साथ आने के कयास लगाए जा रहे हैं।
ककरोला में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि आप भाजपा व कांग्रेस को वोट न दें। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनके सातों सांसदों ने कुछ नहीं किया इसलिए आप को ही वोट दें।
वह बोले, 'ध्यान से वोट डालना। पूरा देश मोदी सरकार को भगाना चाहता है। कभी ऐसा मत करना कि कांग्रेस को वोट दे आओ। अपने वोट बंटने मत देना। इस बार सातों सीट(लोकसभा सीट) आप को दे देना।'
इन अटकलों पर विराम लगाता है केजरीवाल का बयान
बीते दिनों अजय माकन के इस्तीफे के बाद से ही ये कयास जोरों पर हैं कि आम आदमी पार्टी से रिश्ते बेहतर करने के लिए ही अजय माकन का तीन महीने से अटका इस्तीफा मंजूर किया गया है। हालांकि इस बीच आप संयोजक के इस बयान से सारे कयास हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
इसी बीच केजरीवाल के मीडिया सलाहकार नागेंद्र शर्मा ने कहा था कि कैराना उपचुनाव के जो नतीजे सामने आए हैं वह दिखाते हैं कि गैर भाजपा दलों को कांग्रेस के साथ की जरूरत नहीं है। कांग्रेस भाजपा के साथ मेलजोल और अन्य दलों के साथ तिरस्कार की भावना रखती है। दिल्ली की इसकी इकाई भाजपा का वास्तविक मोर्चा है।
वहीं कांग्रेस आप पर आरोप लगाती रहती है कि मोदी का जो बड़ा कद बन गया है उसके लिए आप जिम्मेदार है।