दिल्ली की सत्ता किसके हाथ?: किसी मंत्री को बनाया सीएम तो कैबिनेट में होंगे दो नए चेहरे, इन नामों पर चर्चा
अनुभवी चेहरों में आतिशी, कैलाश गहलोत, सौरभ भारद्वाज व गोपाल राय का नाम आया। इनमें से कोई सदस्य अगर मुख्यमंत्री बनता है तो दो विधायकों को कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। इसमें जातीय व क्षेत्रीय आधार को तवज्जो मिलेगी।
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दिल्ली की मौजूदा कैबिनेट का कोई मंत्री अगर मुख्यमंत्री बनता है तो नई कैबिनेट में दो नए चेहरों को शामिल होने का मौका मिल सकता है। सोमवार को आप की पीएसी में नए सीएम के तौर पर अनुभवी बनाम नए चेहरे पर चर्चा हुई।
अनुभवी चेहरों में आतिशी, कैलाश गहलोत, सौरभ भारद्वाज व गोपाल राय का नाम आया। इनमें से कोई सदस्य अगर मुख्यमंत्री बनता है तो दो विधायकों को कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। इसमें जातीय व क्षेत्रीय आधार को तवज्जो मिलेगी। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के नए चेहरों में कुलदीप कुमार और राखी बिड़लान आगे रहीं। सूत्र बताते हैं कि जिस तरह से बीते महीनों में सरकार के काम बेपटरी हुए हैं, उसमें अनुभवी चेहरे की तरफ पीएसी का झुकाव दिखा। इसमें सबसे आगे आतिशी का नाम आया।
वहीं, दूसरे मंत्रियों की दावेदारी भी मजबूत रही। इसमें इस बात का भी आकलन किया गया कि उपराज्यपाल के मौजूदा रुख को देखते हुए कौन सा चेहरा काम करवाने में बेहतर साबित हो सकता है। कैलाश गहलोत इस नजरिए से अभी तक बेहतर रहे हैं। वहीं, विवादों के बीच परिवहन विभाग की कई योजनाओं को अंजाम तक पहुंचाने में भी उनको कामयाबी मिली है। दूसरी तरफ पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती दखल और हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव को देखते हुए पीएसी में नए नामों पर भी चर्चा हुई। इसमें पार्टी नेताओं की राय रही कि अनुसूचित जाति का मुख्यमंत्री बनाने का सियासी संदेश राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा जाए। इसके लिए कुलदीप कुमार और राखी बिड़लान की खूबियों और खामियों पर बात हुई। इन नामों को मंगलवार की विधायक दल की बैठक में रखा जाएगा। इसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे के साथ दिल्ली कैबिनेट होगी भंग
दिल्ली के मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने के साथ ही उनकी कैबिनेट भंग हो जाएगी। इसके बाद जिसे भी मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, वह अपनी कैबिनेट का गठन करेगा। पीएसी की राय है कि सभी पुराने मंत्रियों को नई कैबिनेट में शामिल किया गया। इसमें अगर कोई मौजूदा मंत्री मुख्यमंत्री बनता है तो दो नए मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। वजह यह कि दिल्ली कैबिनेट में छह सदस्य हैं। राजकुमार आनंद के इस्तीफा देने से मौजूदा कैबिनेट में एक पद खाली चल रहा है। वहीं, एक मंत्री के मुख्यमंत्री बनने से दो नए मंत्री होंगे। सूत्र बताते हैं कि नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और जातीय आधार को ध्यान में रखा जाएगा। अगर दो मंत्री शामिल होते हैं कि एक अनुसूचित जाति से होगा और दूसरा पूर्वांचल या किसी दूसरे क्षेत्र का। पार्टी इसे अपने भविष्य के लिए फायदे का सौदा मान रही है।
पहली बार कोई चुनाव ईमानदारी के मुद्दे पर लड़ा जाएगा : भारद्वाज
दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के एलान से सब अचंभित हैं। उन्होंने कहा कि यह इतिहास का पहला ऐसा चुनाव होगा, जो ईमानदारी के नाम पर लड़ा जाएगा। भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के एलान ने केंद्र सरकार के सारे षड्यंत्र को विफल कर दिया है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि लोगों में इतनी उत्सुकता है कि वह चाहते हैं कि जल्द चुनाव हो और वह एक बार फिर से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भारी बहुमत से चुनकर दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाएं। भारद्वाज ने कहा कि पूरी दिल्ली के लोगों में भाजपा से नाराजगी है।
गरीबों का हक मार रही सरकार : विजेंद्र गुप्ता
भाजपा ने दिल्ली सरकार को गरीब व अनुसूचित जाति विरोधी बताया है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता कहा, केजरीवाल सरकार ने हजारों गरीब परिवारों को राशन न देकर उनके मुंह से निवाला छीना है। उन्होंने बताया कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत समाज में सबसे निचले तबके के परिवारों को भी राशन देने के उद्देश्य से अंत्योदय अन्न योजना शुरू किया गया था। अति गरीब 1,56,800 परिवारों को हर महीने 35 किलो राशन देने का प्रावधान था। फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग ने राशन कार्ड देने के लिए विधानसभा अनुसार सूची बनाई। संबंधित विभाग के मंत्री इमरान हुसैन की मंजूरी के लिए इसे भेजा। बावजूद राशन नहीं मिल रहा। इस प्रेस वार्ता में विधायक अभय वर्मा और दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर कपूर भी उपस्थित थे।
सीएम से भ्रष्टाचार का हिसाब मांग रही है जनता : सचदेवा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि सीएम जनता के बीच जाने की बात कर रहे हैं। जिस बच्ची के पिता ने पढ़ाई में लगने वाली पैसे को शराब खरीदने में खर्च किया, क्या उस परिवार से मिलने की हिम्मत रखते हैं तो वह मेरे साथ चलें। दिल्ली के युवा को नशे में धकेलने वाले केजरीवाल से दिल्ली की जनता उनके भ्रष्टाचार का हिसाब मांग रही है। भ्रष्टाचार का परिणाम है कि सिर्फ जलभराव के कारण 43 मौतें हुई हैं। वे जब भी जनता के बीच जाएंगे, नकारे जाएंगे।
‘सीएम का अहंकार दिल्ली की समस्याओं से बड़ा’
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि देश में कानून और संविधान का शासन है। संविधान कहता है कि अगर कोई मुख्यमंत्री जेल जाता है, तो उसे इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि उसकी पार्टी का कोई और व्यक्ति मुख्यमंत्री बन सके। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का अहंकार दिल्ली की समस्याओं से भी बड़ा है। दिल्ली का जो नुकसान उन्होंने पहुंचाया है, उसकी भरपाई अब किसी इस्तीफे से नहीं हो सकती। तिवारी ने कहा है कि उन्हें जो जमानत मिली है, वह भी सशर्त है। शर्तों को देखते हुए कोई भी मुख्यमंत्री शर्मिंदा हो जाएगा। कोर्ट ने जमानत के दौरान उन पर प्रतिबंध लगा दिया है। वह दफ्तर नहीं जा सकते, फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते। ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री होने का क्या मतलब है।