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Delhi NCR News: सफाई व्यवस्था होगी हाईटेक, एमसीडी उतारेगा 1,000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर्स
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-धूल और प्रदूषण पर भी फोकस, 887 करोड़ रुपये से 70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें होंगी शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर सफाई व्यवस्था जल्द ही पारंपरिक झाड़ू-कटाई से आगे बढ़कर आधुनिक मशीनों और इलेक्ट्रिक वाहनों पर आधारित होने जा रही है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा उठाने के लिए 1,000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर्स तैनात करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही सड़कों से धूल हटाने और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग (एमआरएस) व्यवस्था का भी विस्तार किया जाएगा।
एमसीडी ने 1,000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर्स की तैनाती के लिए करीब 1,133 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव तैयार किया है। न्यूनतम 240 लीटर क्षमता वाले इन वाहनों को आठ वर्ष के सेवा आउटसोर्सिंग मॉडल के तहत तैनात किया जाएगा। इनका मुख्य काम सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा उठाना होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से सफाई व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
रोजाना 190 मीट्रिक टन धूल की सफाई
एमसीडी सड़कों से धूल हटाने के लिए पहले से मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का इस्तेमाल कर रहा है। फिलहाल निगम के पास 66 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें संचालित हैं, जिनसे रोजाना करीब 190 मीट्रिक टन धूल हटाई जा रही है। हाल ही में 14 बड़ी मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें भी सड़कों पर उतारी गई हैं। अब इस व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना है। इसके लिए करीब 887 करोड़ रुपये के बजट से अतिरिक्त मशीनों की खरीद और संचालन के लिए 10 वर्ष का दीर्घकालिक टेंडर जारी किया गया है।
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70 नई मशीनें बढ़ाएंगी सफाई क्षमता
नई योजना के तहत 15 बड़ी और 55 मध्यम आकार की मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें शामिल की जाएंगी। इन्हें प्रमुख मार्गों और अधिक यातायात वाले इलाकों में तैनात किया जाएगा, जहां सड़क पर धूल का जमाव ज्यादा रहता है। एमसीडी का लक्ष्य आधुनिक मशीनों और इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए सड़क सफाई को अधिक प्रभावी बनाना और धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर सफाई व्यवस्था जल्द ही पारंपरिक झाड़ू-कटाई से आगे बढ़कर आधुनिक मशीनों और इलेक्ट्रिक वाहनों पर आधारित होने जा रही है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा उठाने के लिए 1,000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर्स तैनात करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही सड़कों से धूल हटाने और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग (एमआरएस) व्यवस्था का भी विस्तार किया जाएगा।
एमसीडी ने 1,000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर्स की तैनाती के लिए करीब 1,133 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव तैयार किया है। न्यूनतम 240 लीटर क्षमता वाले इन वाहनों को आठ वर्ष के सेवा आउटसोर्सिंग मॉडल के तहत तैनात किया जाएगा। इनका मुख्य काम सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा उठाना होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से सफाई व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
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रोजाना 190 मीट्रिक टन धूल की सफाई
एमसीडी सड़कों से धूल हटाने के लिए पहले से मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का इस्तेमाल कर रहा है। फिलहाल निगम के पास 66 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें संचालित हैं, जिनसे रोजाना करीब 190 मीट्रिक टन धूल हटाई जा रही है। हाल ही में 14 बड़ी मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें भी सड़कों पर उतारी गई हैं। अब इस व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना है। इसके लिए करीब 887 करोड़ रुपये के बजट से अतिरिक्त मशीनों की खरीद और संचालन के लिए 10 वर्ष का दीर्घकालिक टेंडर जारी किया गया है।
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70 नई मशीनें बढ़ाएंगी सफाई क्षमता
नई योजना के तहत 15 बड़ी और 55 मध्यम आकार की मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें शामिल की जाएंगी। इन्हें प्रमुख मार्गों और अधिक यातायात वाले इलाकों में तैनात किया जाएगा, जहां सड़क पर धूल का जमाव ज्यादा रहता है। एमसीडी का लक्ष्य आधुनिक मशीनों और इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए सड़क सफाई को अधिक प्रभावी बनाना और धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है।