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Delhi NCR News: सिग्नल फ्री ट्रैफिक का दावा फेल, पांच मिनट के लिए झेल रहे घंटे भर जाम
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-3.5 किलोमीटर बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 में व्यस्ततम समय में ढाई किलोमीटर लंबे जाम में फंसे वाहन चालक
ट्रैफिक पुलिस को मैनुअल संचालन का लेना पड़ा सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्लीवासियों को 11 वर्षों के इंतजार के बाद मिला बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 का उत्साह अब पीक ऑवर में लगने वाले जाम से फीका पड़ता नजर आ रहा है। जिस 3.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड को करीब पांच मिनट में पार करने और मयूर विहार फेज-1 से आईएनए व एम्स तक सिग्नल फ्री सफर का दावा किया गया था, वहां सोमवार सुबह वाहन चालकों को करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। इस दौरान रोड पर करीब ढाई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
मयूर विहार फेज-1 से नए एलिवेटेड रोड के रास्ते आईएनए और एम्स की ओर जाने वाले वाहनों को सराय काले खां और डीएनडी-महारानी बाग मर्जर प्वाइंट पर परेशानी का सामना करना पड़ा। दोनों स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी वाहनों को रोक-रोककर मैनुअल तरीके से आगे बढ़ाते नजर आए।
मयूर विहार फेज-1 से पुराने बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-1 तक करीब 1635 करोड़ रुपये की लागत से 3.5 किलोमीटर लंबा बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 तैयार किया गया है। दोनों ओर तीन-तीन लेन वाले इस एलिवेटेड रोड के निर्माण में करीब 11 वर्ष लगे। इसे शुरू करते समय दावा किया गया था कि मयूर विहार से आईएनए और एम्स तक वाहन चालकों को सिग्नल फ्री सफर मिलेगा। हालांकि, पिछले बुधवार को आम लोगों के लिए खोले गए इस रोड पर पहले ही दिन जाम की स्थिति बन गई थी। शुरुआती तीन दिनों के अनुभव के बाद सोमवार को ट्रैफिक पुलिस ने दोनों मर्जर प्वाॅइंट पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती कर ट्रैफिक को मैनुअल तरीके से निकालना शुरू किया।
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पांच लेन का ट्रैफिक दो लेन में हुआ मर्ज
मयूर विहार फेज-1 से करीब साढ़े तीन किलोमीटर आगे फेज-3 और फेज-1 के मर्जर प्वाॅइंट पर बॉटलनेक बनने से जाम की शुरुआत हुई। सराय काले खां की ओर से सूर्य घड़ी (सन डायल) के पास दो लेन के लूप से भी ट्रैफिक एलिवेटेड रोड पर चढ़ रहा है। इस तरह करीब पांच लेन का ट्रैफिक आगे जाकर पुराने बारापुला फेज-1 की दो लेन में मिल जाता है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे यहां जाम लगना शुरू हुआ और साढ़े 10 बजे तक इसकी लंबाई करीब ढाई किलोमीटर तक पहुंच गई।
डीएनडी-महारानी बाग लूप पर भी बॉटलनेक
करीब 500 मीटर आगे डीएनडी-महारानी बाग लूप से दो लेन का ट्रैफिक भी फेज-1 पर आ रहा है। यहां ट्रैफिक पुलिस ने दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों को बारी-बारी से रोककर आगे बढ़ाया। मयूर विहार फेज-1 से इस बिंदु तक पहुंचने में ही वाहन चालकों को करीब एक घंटे का समय लग गया।
गूगल मैप पर जाम न दिखने से बढ़ी परेशानी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में जाम की एक वजह गूगल मैप पर इस हिस्से में जाम नहीं दिखना बताया। पुलिस के अनुसार, जाम की जानकारी नहीं मिलने से वाहन लगातार एलिवेटेड रोड पर आते रहे जिससे बारापुला जंक्शन पर दबाव बढ़ता गया। बाद में पुलिस ने दोनों लूप से वाहनों को रोक-रोककर निकाला और मयूर विहार-1 से आने वाले कुछ वाहनों को एनएच-9 की ओर डायवर्ट किया।
सिग्नल लगे, लेकिन बिजली नहीं
बारापुला फेज-3 और फेज-1 से आईएनए व एम्स तक करीब 9.5 किलोमीटर के मार्ग को सिग्नल फ्री बनाने का दावा किया गया था। इसके बावजूद डीएनडी-महारानी बाग लूप पर ट्रैफिक सिग्नल लगा होने के बावजूद बिजली उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जाम की स्थिति में इसे ट्रैफिक पुलिस को मैनुअल तरीके से संचालित करना पड़ता है। इसी तरह आगे अन्य मर्जर लूप पर भी सिग्नल लगे हैं, लेकिन बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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ट्रैफिक पुलिस को मैनुअल संचालन का लेना पड़ा सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्लीवासियों को 11 वर्षों के इंतजार के बाद मिला बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 का उत्साह अब पीक ऑवर में लगने वाले जाम से फीका पड़ता नजर आ रहा है। जिस 3.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड को करीब पांच मिनट में पार करने और मयूर विहार फेज-1 से आईएनए व एम्स तक सिग्नल फ्री सफर का दावा किया गया था, वहां सोमवार सुबह वाहन चालकों को करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। इस दौरान रोड पर करीब ढाई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
मयूर विहार फेज-1 से नए एलिवेटेड रोड के रास्ते आईएनए और एम्स की ओर जाने वाले वाहनों को सराय काले खां और डीएनडी-महारानी बाग मर्जर प्वाइंट पर परेशानी का सामना करना पड़ा। दोनों स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी वाहनों को रोक-रोककर मैनुअल तरीके से आगे बढ़ाते नजर आए।
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मयूर विहार फेज-1 से पुराने बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-1 तक करीब 1635 करोड़ रुपये की लागत से 3.5 किलोमीटर लंबा बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 तैयार किया गया है। दोनों ओर तीन-तीन लेन वाले इस एलिवेटेड रोड के निर्माण में करीब 11 वर्ष लगे। इसे शुरू करते समय दावा किया गया था कि मयूर विहार से आईएनए और एम्स तक वाहन चालकों को सिग्नल फ्री सफर मिलेगा। हालांकि, पिछले बुधवार को आम लोगों के लिए खोले गए इस रोड पर पहले ही दिन जाम की स्थिति बन गई थी। शुरुआती तीन दिनों के अनुभव के बाद सोमवार को ट्रैफिक पुलिस ने दोनों मर्जर प्वाॅइंट पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती कर ट्रैफिक को मैनुअल तरीके से निकालना शुरू किया।
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पांच लेन का ट्रैफिक दो लेन में हुआ मर्ज
मयूर विहार फेज-1 से करीब साढ़े तीन किलोमीटर आगे फेज-3 और फेज-1 के मर्जर प्वाॅइंट पर बॉटलनेक बनने से जाम की शुरुआत हुई। सराय काले खां की ओर से सूर्य घड़ी (सन डायल) के पास दो लेन के लूप से भी ट्रैफिक एलिवेटेड रोड पर चढ़ रहा है। इस तरह करीब पांच लेन का ट्रैफिक आगे जाकर पुराने बारापुला फेज-1 की दो लेन में मिल जाता है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे यहां जाम लगना शुरू हुआ और साढ़े 10 बजे तक इसकी लंबाई करीब ढाई किलोमीटर तक पहुंच गई।
डीएनडी-महारानी बाग लूप पर भी बॉटलनेक
करीब 500 मीटर आगे डीएनडी-महारानी बाग लूप से दो लेन का ट्रैफिक भी फेज-1 पर आ रहा है। यहां ट्रैफिक पुलिस ने दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों को बारी-बारी से रोककर आगे बढ़ाया। मयूर विहार फेज-1 से इस बिंदु तक पहुंचने में ही वाहन चालकों को करीब एक घंटे का समय लग गया।
गूगल मैप पर जाम न दिखने से बढ़ी परेशानी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में जाम की एक वजह गूगल मैप पर इस हिस्से में जाम नहीं दिखना बताया। पुलिस के अनुसार, जाम की जानकारी नहीं मिलने से वाहन लगातार एलिवेटेड रोड पर आते रहे जिससे बारापुला जंक्शन पर दबाव बढ़ता गया। बाद में पुलिस ने दोनों लूप से वाहनों को रोक-रोककर निकाला और मयूर विहार-1 से आने वाले कुछ वाहनों को एनएच-9 की ओर डायवर्ट किया।
सिग्नल लगे, लेकिन बिजली नहीं
बारापुला फेज-3 और फेज-1 से आईएनए व एम्स तक करीब 9.5 किलोमीटर के मार्ग को सिग्नल फ्री बनाने का दावा किया गया था। इसके बावजूद डीएनडी-महारानी बाग लूप पर ट्रैफिक सिग्नल लगा होने के बावजूद बिजली उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जाम की स्थिति में इसे ट्रैफिक पुलिस को मैनुअल तरीके से संचालित करना पड़ता है। इसी तरह आगे अन्य मर्जर लूप पर भी सिग्नल लगे हैं, लेकिन बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।