दिल्ली में लागू होगी ये नई स्कीम, ऑटो चालकों ने रखीं मांगे
दूसरे राज्यों से आने वाले टैक्सी चालक अब दिल्ली में यात्री नहीं बैठा पाएंगे। दिल्ली सरकार सिटी टैक्सी स्कीम में इसका प्रावधान कर रही है। दिल्ली के ऑटो टैक्सी यूनियन लंबे समय से ऐसा करने वाले टैक्सी चालकों का विरोध कर रहे थे।
सोमवार को यह जानकारी दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने ऑटो यूनियन के साथ मुलाकात में दी। परिवहन मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार मोबाइल ऐप समेत अन्य टैक्सी के लिए नई सिटी टैक्सी स्कीम ला रही है, जो अंतिम चरण में है।
इसमें प्रावधान होगा कि दूसरे राज्यों यानी एनसीआर में आने वाले गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा व गाजियाबाद में पंजीकृत टैक्सी चालक दिल्ली में यात्री ला तो सकेंगे, लेकिन दोबारा दूसरी सवारी ले नहीं जा पाएंगे।
दिल्ली ऑटो-रिक्शा महासंघ के महामंत्री राजेंद्र सोनी ने बताया कि राजधानी में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों खासतौर से यूपी और हरियाणा में पंजीकृत टैक्सी चल रही हैं। यह दिल्ली में एक प्वाइंट से दूसरे प्वाइंट पर सवारियां लेकर चलती हैं।
ये हैं अन्य मांगें
बैठक में ऑटो चालकों ने वेटिंग टाइम चार्ज एक रुपये प्रति मिनट करने की मांग की है। अभी तक यह 15 मिनट लगातार होने के बाद शुरू होता है।
ऑटो चालकों ने ऑटो परमिट ट्रांसफर के लिए लाइसेंस बैज की अनिवार्यता खत्म कर सिर्फ पहचान पत्र पर यह सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की। ऑटो यूनियन ने परिवहन मंत्री को भ्रष्टाचार के बिना 10 हजार ऑटो परमिट आवंटन के लिए बधाई दी।