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दुष्कर्मी पिता की सजा भुगत रहे मासूम
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 25 Jul 2014 02:42 PM IST
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नोएडा में नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की सजा केवल आरोपी बाप ही नहीं बल्कि उसके तीन मासूम बच्चों को भी भुगतनी पड़ रही है।
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अनाथ का जीवन बिता रहे ये तीन मासूम ‘साईं कृपा’ में रह रहे हैं और इनके यहां रहने की अवधि भी पूरी हो चुकी है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्लूसी) अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि इन बच्चों को कौन पालेगा?
मार्च 2014 में ग्रेटर नोएडा स्थिति निर्माणाधीन बिल्डिंग में 11 साल की बच्ची के साथ उसके पिता ने दुष्कर्म किया था। बच्ची की मां गुजर चुकी थी और उसका पिता बिल्डिंग में मजदूरी का काम करता था।
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बच्ची ने यह बात अपनी शिक्षिका को बताई थी, जिसने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। पीड़ित बच्ची के साथ करीब तीन साल की एक बहन और दो साल का उसका भाई भी वहीं रहता था। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिसके बाद से बच्चों का कोई अपना नहीं था।
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चाइल्ड लाइन के माध्यम से बच्चों को सेक्टर-12 स्थित ‘साईं कृपा’ में एक महीने के लिए भेज दिया गया था। लेकिन उनकी आगे की देखभाल कौन करेगा, इसका फैसला न हो पाने के कारण यह अवधि एक महीने के लिए और बढ़ा दी गई है। मालूम हो कि साईं कृपा बच्चों का स्थायी आशियाना नहीं है।
चाइल्ड लाइन ग्रेटर नोएडा की डॉ. माला भंडारी ने कहा कि मामले की जानकारी श्रम विभाग की कमिश्नर को दी गई थी लेकिन उनकी ओर से बच्चों की कोई मदद नहीं हुई। बच्चों को कहां भेजा जाएगा, इसका फैसला सीडब्लूसी को करना है। बच्चों का स्थायी आसरा होने के बाद ही वे मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे।