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Delhi: कम उम्र में बच्चे बन रहे टाइप-2 मधुमेह का शिकार, मोटे बच्चों में दिख रही ज्यादा समस्या

Tue, 14 Nov 2023 02:22 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 14 Nov 2023 02:22 AM IST
सार

एम्स के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत का कहना है कि 10-15 साल के बच्चों में टाइप 2 मधुमेह का मिलना चिंता का विषय है। कुछ समय पहले तक यह 20 साल से अधिक उम्र के युवाओं में यह रोग दिखता है।

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Children becoming victims of type 2 diabetes at an early age
फाइल फोटो - फोटो : Pixabay

विस्तार

कम उम्र के बच्चे भी तेजी से टाइप- 2 मधुमेह (टी2डी) का शिकार हो रहे हैं। ज्यादातर बच्चे मोटापे के शिकार हैं। वहीं, परिवार में मधुमेह का इतिहास रहता है। एम्स के इंडोक्रिनोलॉजी विभाग की ओपीडी में हर माह हजारों मरीज उपचार करवाने आते हैं। इनमें एक-दो मामले बच्चों में टाइप 2 मधुमेह के मिलते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टी2डी एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है। अक्सर यह 20 साल से अधिक उम्र के लोगों में पाया जाता है। 

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पिछले कुछ माह से बच्चों में भी ऐसे मामले मिल रहे हैं। जो चिंता का विषय है। यदि इसी तरह से बच्चों में यह मामले बढ़ते गए तो आने वाले दिनों में देश की बड़ी युवा आबादी मधुमेह की पीड़ित होगी। यह मुख्य रूप से लाइफ स्टाइल और मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी से संबंधित रोग है। जो जिंदगी भर साथ रहती है। इसके कारण दूसरी बीमारियां गंभीर हो सकती है। साथ ही शरीर में अन्य रोगों को जन्म दें सकती है। इसका सीधा असर उनकी क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी पड़ सकता है।
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एम्स के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत का कहना है कि 10-15 साल के बच्चों में टाइप 2 मधुमेह का मिलना चिंता का विषय है। कुछ समय पहले तक यह 20 साल से अधिक उम्र के युवाओं में यह रोग दिखता है। कम उम्र में यह रोग आना खराब लाइफ स्टाइल को बताता है। यह ज्यादातर मोटे लोगों में दिख रहा है। इसके अलावा ऐसे बच्चे हैं जिनके परिवार में ऐसा केस रहा है। लेकिन पहले ऐसा नहीं था। यदि किसी को मधुमेह हो जाता है तो उसे संयमित रखा जाता सकता है। इसके लिए खान-पान में नियंत्रण व समय का पाबंद, दैनिक व्यायाम, खाने में सलाद, व फलों का प्रयोग करना चाहिए। कुछ लोगों को दवा देनी पड़ती है। जबकि 5-10 फीसदी लोगों को इंसुलिन देना पड़ जाता है।

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यह आजीवन बीमारी
टाइप 2 मधुमेह एक आजीवन बीमारी है जो किसी व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करती है। मधुमेह को नियंत्रण में रखने के लिए जीवनशैली की आदतों में बदलाव, व्यायाम और नियमित जांच के साथ-साथ पौष्टिक आहार लेना महत्वपूर्ण है।

टाइप 2 मधुमेह के लक्षण

  • नजरों की समस्या
  • कमजोरी
  • बार-बार पेशाब आना (पॉलीयूरिया)
  • बढ़ी हुई प्यास
  • भूख में वृद्धि
  • मसूढ़े की बीमारी
  • घावों का धीमा उपचार
  • संक्रमण के लिए प्रवण
  • आपके हाथों या पैरों में झुनझुनी या सुन्नता
  • अस्पष्टीकृत वजन घटाने

किन्हें होने की संभावना

  • खाने-पीने की गलत आदत
  • दिन में कम से कम 45 मिनट दैनिक व्यायाम न करना
  • हार्मोन की समस्या
  • परिवार में इतिहास रहना

गर्भावस्था में मधुमेह होना खतरे की घंटी
डॉ. राजेश खड़गावत का कहना है कि एम्स ने अध्ययन के दौरान पाया कि जिन महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान मधुमेह हुआ। ऐसी 25 से 30 फीसदी महिला में डिलीवरी के बाद मधुमेह पाया गया है। यह महिलाएं मोटापा के अलावा अन्य कारणों से मधुमेह की रोगी बन जाती है।

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