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Delhi NCR News: बाल कलाकारों ने रंगमंच से दिखाई सपनों और संवेदनाओं की दुनिया
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रंग पल्लव 3.0 : ‘शांति की पुकार’, ‘द मिसाइल मैन’, ‘हाताओ आबा-आबा’ जैसी प्रस्तुतियां दी गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय बाल रंगमंच महोत्सव रंग पल्लव 3.0 में बाल कलाकारों ने रंगमंच के जरिए सपनों और संवेदनाओं की दुनिया दिखाई। एनएसडी और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के संयुक्त सहयोग से आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम अभिमंच सभागार में संपन्न हुआ। इसमें देशभर से 300 बाल प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह महोत्सव ग्रामीण, जनजातीय और वंचित समुदायों से जुड़े बच्चों के लिए आयोजित किया गया था। समापन समारोह में आईओसीएल की निदेशक (मानव संसाधन) रश्मि गोविल मुख्य अतिथि, अभिनेता आदिल हुसैन विशिष्ट अतिथि और आईओसीएल के कार्यकारी निदेशक (समन्वय एवं सीएसआर) विभूति रंजन प्रधान विशेष अतिथि रहे।
महोत्सव में ‘शांति की पुकार’, ‘द मिसाइल मैन’, ‘हाताओ आबा-आबा’, ‘शबरी के राम’, ‘भूतनगरी’, ‘मो सांग’, ‘दीपदान’ और ‘प्यार सत्कार’ जैसी प्रस्तुतियां दी गईं। इस दौरान एनएसडी की आंतरिक पत्रिका ‘राजभाषा मंजूषा’ के 30वें और 31वें अंक का भी लोकार्पण किया गया। साथ ही वरिष्ठ रंगकर्मी गुलशन वालिया द्वारा लिखित ओ गॉड तुस्सी ग्रेट हो का भी विमोचन किया गया। यह बाल नाटकों का संकलन है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय बाल रंगमंच महोत्सव रंग पल्लव 3.0 में बाल कलाकारों ने रंगमंच के जरिए सपनों और संवेदनाओं की दुनिया दिखाई। एनएसडी और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के संयुक्त सहयोग से आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम अभिमंच सभागार में संपन्न हुआ। इसमें देशभर से 300 बाल प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह महोत्सव ग्रामीण, जनजातीय और वंचित समुदायों से जुड़े बच्चों के लिए आयोजित किया गया था। समापन समारोह में आईओसीएल की निदेशक (मानव संसाधन) रश्मि गोविल मुख्य अतिथि, अभिनेता आदिल हुसैन विशिष्ट अतिथि और आईओसीएल के कार्यकारी निदेशक (समन्वय एवं सीएसआर) विभूति रंजन प्रधान विशेष अतिथि रहे।
महोत्सव में ‘शांति की पुकार’, ‘द मिसाइल मैन’, ‘हाताओ आबा-आबा’, ‘शबरी के राम’, ‘भूतनगरी’, ‘मो सांग’, ‘दीपदान’ और ‘प्यार सत्कार’ जैसी प्रस्तुतियां दी गईं। इस दौरान एनएसडी की आंतरिक पत्रिका ‘राजभाषा मंजूषा’ के 30वें और 31वें अंक का भी लोकार्पण किया गया। साथ ही वरिष्ठ रंगकर्मी गुलशन वालिया द्वारा लिखित ओ गॉड तुस्सी ग्रेट हो का भी विमोचन किया गया। यह बाल नाटकों का संकलन है।
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