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दिल्ली के इस गांव को सुविधाओं का इंतजार: अमर उजाला संवाद में बोले लोग, पेयजल-स्वास्थ्य और शिक्षा का है अभाव

Wed, 01 Jan 2025 08:02 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 01 Jan 2025 08:02 AM IST
सार

दिल्ली के चौहान पट्टी गांव में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में चौहान पट्टी गांव के लोगों ने अपनी परेशानियों को बताया। ग्रामीण बोले कि यहां पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा के घोर अभाव के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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Chauhan Patt villagers are troubled due to lack of facilities In Amar Ujala Samvad
चौहान पट्टी गांव की समस्याएं बताते ग्रामीण - फोटो : भूपिंदर सिंह

विस्तार

पूर्वी दिल्ली के चौहान पट्टी गांव के निवासी लंबे समय से अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते रहे और पांच बार उजड़ने और छठी जगह बसने के बाद अब ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे है। यह गांव विकास की अनदेखी का ऐसा उदाहरण है, जहां पीने के पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा जैसी सुविधाओं का घोर अभाव है। इस कारण ग्रामीणों का जीवन बेहद कठिन है।

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गांव में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन है और न ही कोई नियमित व्यवस्था। वहीं, श्मशान घाट की सुविधा भी नहीं है। गांव में स्कूल भी नहीं है। गांव में केवल एक डिस्पेंसरी है, लेकिन डॉक्टर हैं, न दवाइयां। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को मामूली बीमारियों के इलाज के लिए भी शहर का रुख करना पड़ता है। यह न केवल समय की बर्बादी है, बल्कि आर्थिक बोझ भी बढ़ाता है। इसी तरह गांव में पशुपालन मुख्य आजीविका है, लेकिन पशुओं के इलाज के लिए कोई अस्पताल नहीं है।
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परिवहन : एकमात्र राहत
गांव में सुविधा के नाम पर केवल बस सेवा उपलब्ध है, जो यहां के निवासियों के लिए थोड़ी राहत प्रदान करती है। लेकिन इस सेवा का गांव के निवासियों के बजाय आसपास बसी काॅलोनियों के निवासियों को अधिक लाभ है।
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गांव में श्मशान घाट न होने के कारण ग्रामीणों को अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार के लिए दूसरे गांवों का रुख करना पड़ता है। यह समस्या उनके लिए न केवल असुविधाजनक है, बल्कि सामाजिक कठिनाई पैदा करती है। - डाल चंद

गांव में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाती है, मगर उनके न आने का समय तय है और न ही पर्याप्त संख्या में टैंकर आते है। इस कारण ग्रामीणों को दूरदराज से पानी लाना पड़ता है, जिससे उनकी दिनचर्या पर गहरा प्रभाव पड़ता है। - गजे सिंह

गांव में स्कूल नहीं होने की वजह से बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे गांवों या शहरों तक जाना पड़ता है। इससे बच्चों की शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और कई बच्चे स्कूल छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। - महा सिंह

गांव में गंदे पानी की निकासी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। गांव का गंदा पानी तालाब में जमा होता है। इस कारण ग्रामीण तालाब में पशुओं को भी नहीं ले जा पाते है। इसके अलावा में मच्छरों का भी प्रकोप बना रहता है। - माम चंद


गांव में सफाई भी नियमित तौर पर नहीं होती है। इस कारण गांव में गंदगी का आलम रहता है, गलियाें में कूड़े के ढेर लगे रहते है। लिहाजा गांव में हमेशा बदबू आती रहती है। इस तरह ग्रामीणों का घरों में भी रहना दूभर हो गया है। - रामेश्वर प्रसाद

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