दिल्ली में कॉलेज का नाम बदल वंदेमातरम करने पर गहराया विवाद
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दयाल सिंह कॉलेज का नाम वंदेमातरम रखने का मुद्दा गर्माने लगा है। भाजपा विधायक एवं दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव मनजिन्द्र सिंह सिरसा ने स्पष्ट कर दिया कि कॉलेज का नाम किसी भी हालत में परिवर्तित नहीं करने दिया जाएगा और इसके लिए सिख समाज किसी भी हद तक जा सकता है।
उन्होंने कॉलेज के चेयरमैन अमिताभ सिंहा के उस तर्क को गलत बताया कि उनकी और से धमकियां दी जा रही है। सिरसा ने कहा वे धमकियां नहीं देते जो करना है करके दिखाते है।
सिरसा ने आज संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दयाल सिंह मजीठियां का देश व समाज के प्रति अहम योगदान रहा है और उनके नाम से कॉलेज का नाम परिवर्तन कर कुछ लोग राजनीति कर रहे है।
51 लाख रुपये ट्रस्ट को देने के लिए तैयार
उन्होंने कहा वंदेमातरम नाम से किसी को आपत्ति नहीं है वे मां सम्मान इस नाम का सम्मान करते है। यदि सिंहा को इसी नाम से कॉलेज बनाना है वे अपनी सपंत्ति एक ट्रस्त बनाकर उसके नाम कर दे तो वे भी 51 लाख रुपये ट्रस्ट को देने के लिए तैयार है। ट्रस्ट किसी अन्य स्थान पर वंदेमातरम नाम से कॉलेज बना ले हम पूरा सहयोग करेंगे।
सिरसा ने इस आरोप को गलत बताया कि उन्होंने अभिताभ सिन्हा को न तो धमकी दी है न ही उनके इशारे पर किसी ने पीछा किया है। यदि पीछा किया गया है तो वे उसका नाम बताए। सिरसा ने कहा सिंहा मात्र पुलिस सुरक्षा पाने के लिए इस प्रकार के हथकंडे अपना रहे है।
मनजिन्द्र सिरसा ने कहा सोमवार को बुद्धिजीवियों की बैठक बुलाई गई है और बैठक में रणनीति तय की जाएगी। इसके अलावा कॉलेज का नाम बदलने से रोकने के लिए हर स्तर पर धरना प्रदर्शन करने के अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से भी मिलेगे। सांसद प्रवेश वर्मा सहित कई नेताओं ने नाम बदलने पर विरोध जता भी दिया है।