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केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में कहा: नागरिकों के मौलिक अधिकारों का सम्मान करें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मनमानी ठीक नहीं
Wed, 30 Mar 2022 04:59 PM IST
प्रशांत कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 30 Mar 2022 04:59 PM IST
सार
केंद्र ने कहा है कि किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट को भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता के हित में जैसे मामलों में निलंबित या डी-प्लेटफॉर्म किया जा सकता है। अन्य सभी मामलों में उपयोगकर्ता को एक पूर्व सूचना और न्याय की पारदर्शी प्रक्रिया होनी चाहिए।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को सामाजिक और तकनीकी प्रगति का हवाला देकर मजधार में नहीं छोड़ा सकता। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नागरिकों के मौलिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। इसके साथ ही भारत के संविधान के अनुरूप चलना चाहिए। ये बातें केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कही।
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माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म द्वारा अकाउंट ससपेंड करने के खिलाफ एक ट्विटर यूजर ने याचिका दायर की थी। जवाब में दायर एक हलफनामे में केंद्र सरकार ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को खाते को स्वयं बंद नहीं करना चाहिए।
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केंद्र ने कहा कि प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को पूर्व सूचना दे सकता है। साथ ही आवश्यक हो तो विशिष्ट जानकारी या सामग्री को हटाने की मांग कर सकता है। केंद्र सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकारों के दमन के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। अन्यथा किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र के लिए इसके गंभीर परिणाम होंगे।
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ऐसे प्लेटफॉर्मों को नागरिकों के मौलिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। खाते को स्वयं बंद नहीं करना चाहिए। कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्मों को मौलिक अधिकारों को वश में करने और बदलने के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। अन्यथा किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र के लिए इसके गंभीर परिणाम होंगे।
केंद्र ने कहा है कि किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट को भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता के हित में जैसे मामलों में निलंबित या डी-प्लेटफॉर्म किया जा सकता है। अन्य सभी मामलों में उपयोगकर्ता को एक पूर्व सूचना और न्याय की पारदर्शी प्रक्रिया होनी चाहिए। जिसमें शिकायत अधिकारी से संपर्क करने का अधिकार और अपील के लिए उपयुक्त प्रावधान शामिल हों। ताकि एक पारदर्शी, निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।