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CEAL स्थापना दिवस: उपराष्ट्रपति बोले- 1975 में अंधेरे में चला गया था लोकतंत्र, अब दोबारा नहीं आएगा आपातकाल
Wed, 26 Jun 2024 09:19 PM IST
श्याम जी.
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
Published by: श्याम जी.
Updated Wed, 26 Jun 2024 09:19 PM IST
सार
गाजियाबाद में सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड 50वें स्थापना दिवस पर कंपनी को मिनी रत्न का दर्जा मिला। समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 1975 में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अंधेरे में चला गया था, आज के भारत में आपातकाल की पुनरावृति नहीं होगी।
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ व अन्य गणमान्य
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) के 50वें स्थापना दिवस पर बुधवार शाम कंपनी को मिनी रत्न का दर्जा मिला। समारोह में मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि कुछ वर्षों पहले घाटे में चलने वाली सीईएल कंपनी ने तीन वर्षों में बहुत बदलाव किया। आज कंपनी को मिनी रत्न का दर्जा मिला उत्साहजनक है। यह पूरे प्रबंधन और कर्मचारियों की मेहनत है। केंद्र सरकार की नीति और विकास से देश अब दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। हमने ब्राजील, कनाडा, यूके और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया। अगले दो वर्षों में जर्मनी और जापान भी पीछे हो जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि 1975 में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अंधेरे में चला गया था। आज के भारत में दोबारा वो दिन नहीं देखने को मिलेगा। वर्तमान समय में भारत की संवैधानिक नींव काफी मजबूत हो चुकी है। नगरपालिका, नगर पंचायत, राज्यसभा और सभी जगह लोकतंत्र है। सीईएल, जो कुछ वर्षों पर घाटे में जा रही थी। उसने कुछ वर्षों में प्रगति कर नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया। सीईएल एक रोल मॉडल है। इसकी सफलता से दूसरी कंपनियों को प्रेरणा और ऊर्जा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज प्रौद्योगिकी हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है। तकनीक और नवाचार जीवन को बदलने का प्रभावी मार्ग है। कंपनी लगातार देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान निभा रही है।
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उन्होंने कहा कि 2047 तक देश की अर्थव्यवस्था में सीईएल का बहुत बड़ा योगदान होगा। सीईएल न सिर्फ सोलर एनर्जी में बल्कि रेलवे सिग्नल और अन्य क्षेत्रों में मजबूती के लिए उत्पाद बना रही है। उन्होंने कहा कि जब खराब परिस्थिति में सभी विनिवेश की बात कहते हैं, लेकिन सीईएल ने इसे स्वीकार नहीं किया और अथक प्रयास से टर्नओवर 2019-20 में 246 करोड़ से बढ़ाकर 2023-24 में 344 करोड़ कर दिखाया। कंपनी का प्रोफिट जो 2019-20 में 6.36 करोड़ था वो बढ़कर 2023-24 में 78.88 करोड़ हो चुका है। नेट प्रोफिट 3.12 करोड़ से 18 गुना बढ़कर 2023-24 में 58.87 करोड़ हो गया।
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सौर ऊर्जा विकल्प नहीं, भविष्य है
उपराष्ट्रपति ने कहा कि पौधारोपण करते हुए मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बात याद आ गई कि वो कहते हैं एक पौधा मां के नाम। मैं सभी से अपील करता हूं कि सभी पौधारोपण जरूर करें। उन्होंने युद्ध क्षेत्र में तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, टोही और निगरानी द्वार बदलते सुरक्षा परिद़श्य को रेखांकित करते हुए देश की सुरक्षा में सीईएल के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया।
समारोह में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कंपनी को मिनी रत्न का दर्ज देने की घोषणा की। उन्होंने कंपनी के सीएमडी चेतन प्रकाश जैन और डायरेक्टर जनरल सीएसआईआर डॉ. एन कलाइसाल्वी की प्रशंसा की। दोनों अतिथियों ने कंपनी के जुबली हॉल और स्वर्ण मंडप का उद्घाटन किया।