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जश्न में फायरिंग मामला: भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह की चार साल की सजा पर हाईकोर्ट की रोक
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अदालत ने कहा-दो महीने 22 दिन जेल में रह चुके हैं राजू, उनकी अपील पर जल्द अंतिम सुनवाई की संभावना नहीं है, इसलिए सजा पर रोक उचित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को बड़ी राहत देते हुए जश्न में फायरिंग के दौरान महिला की मौत के मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई चार साल की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने विधायक को 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि सिंह करीब दो महीने 22 दिन जेल में रह चुके हैं और उनकी अपील पर जल्द अंतिम सुनवाई की संभावना नहीं है, इसलिए सजा पर रोक उचित है। मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है। दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में नए साल के जश्न के दौरान हुई फायरिंग में अर्चना गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। ट्रायल कोर्ट ने 4 जुलाई 2026 को राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए चार साल की सजा व 25 लाख रुपये जुर्माना लगाया था।
मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की पेशकश की
हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना के दौरान केवल विधायक की लाइसेंसी रिवॉल्वर ही नहीं, बल्कि एक सुरक्षा गार्ड की राइफल से भी फायरिंग हुई थी। ऐसे में मौत के लिए सीधे तौर पर विधायक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। यह भी कहा गया कि गवाहों की गवाही उनकी प्रत्यक्ष भूमिका साबित नहीं करती। सुनवाई के दौरान विधायक ने मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की पेशकश की। अदालत ने यह राशि रजिस्ट्री में जमा कराने का निर्देश दिया, जिसे पीड़ित परिवार अपील के अंतिम फैसले की प्रतीक्षा किए बिना निकाल सकेगा। ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में जश्न में हथियारों से फायरिंग की संस्कृति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे कानून के शासन के विपरीत बताया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को बड़ी राहत देते हुए जश्न में फायरिंग के दौरान महिला की मौत के मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई चार साल की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने विधायक को 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि सिंह करीब दो महीने 22 दिन जेल में रह चुके हैं और उनकी अपील पर जल्द अंतिम सुनवाई की संभावना नहीं है, इसलिए सजा पर रोक उचित है। मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है। दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में नए साल के जश्न के दौरान हुई फायरिंग में अर्चना गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। ट्रायल कोर्ट ने 4 जुलाई 2026 को राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए चार साल की सजा व 25 लाख रुपये जुर्माना लगाया था।
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मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की पेशकश की
हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना के दौरान केवल विधायक की लाइसेंसी रिवॉल्वर ही नहीं, बल्कि एक सुरक्षा गार्ड की राइफल से भी फायरिंग हुई थी। ऐसे में मौत के लिए सीधे तौर पर विधायक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। यह भी कहा गया कि गवाहों की गवाही उनकी प्रत्यक्ष भूमिका साबित नहीं करती। सुनवाई के दौरान विधायक ने मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की पेशकश की। अदालत ने यह राशि रजिस्ट्री में जमा कराने का निर्देश दिया, जिसे पीड़ित परिवार अपील के अंतिम फैसले की प्रतीक्षा किए बिना निकाल सकेगा। ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में जश्न में हथियारों से फायरिंग की संस्कृति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे कानून के शासन के विपरीत बताया था।
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