पाक विजय की खुशी पर दिल्ली के अवैध बूचड़खाने बने ख्ातरा
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पाकिस्तान पर विजय की 50वीं वर्षगांठ पर एयरफोर्स द्वारा एयर-शो पर कसाबपुरा इलाके में चल रहे गैरकानूनी बूचड़खाने का असर न पड़ जाए। एमसीडी को इस बात का डर सता रहा है।
एमसीडी ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर जानवरों को काटने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है। एमसीडी को डर है कि कहीं खाने की तलाश में पक्षी इलाके में न घुस जाए और फ्लाई पास्ट में दुर्घटना हो जाए।
एमसीडी ने हाईकोर्ट को दी जानकारी में उक्त तथ्य का खुलासा किया है। मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ के समक्ष कसाब पूरा में अवैध बूचड़खाने के मामले में विरोधाभासीपूर्ण जवाब दाखिल किया है।
एक तरफ तो एमसीडी ने दावा किया कि क्षेत्र में अवैध बूचड़खाने नहीं चल रहे दूसरी तरफ माना है कि अवैध रूप से जानवरों को काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई के अलावा उन पर जुर्माना भी किया गया है।
एयर शो पर हो सकता है खतरा
एमसीडी पशु चिकित्सा विभाग, सदर पहाड़गंज जोन विभाग के उपनिदेशक ने पेश जवाब में कहा है कि क्षेत्र में जानवरों की अवैध कटाई पर वे गंभीर है। उन्होंने कहा कि देश 1965 की लड़ाई में हुई पाकिस्तान पर विजय की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है।
इसी संबंध में 27 सितंबर को एयरफोर्स द्वारा राजपथ पर एयर शो का आयोजन किया है। इस दौरान हवाई जहाज काफी नीचे से उड़ान भरेंगे। राजपथ के दोनों तरफ करीब पांच-पांच किलोमीटर के क्षेत्र में सुरक्षा अत्यंत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नारायाणा, बुद्ध जयंती पार्क व राष्ट्रपति भवन के आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की जरूरत है ताकि पक्षी इस रूट पर न आए।
जानवरों की अवैध कटाई से पक्षी खाने की तलाश में इस रूट पर आ सकते है और फ्लाई-पास्ट रूट पर यदि पक्षी उड़े तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
अब जाग चुका है प्रशासन
उन्होंने कहा कि हमने सदर बाजार थाना पुलिस को 15 जुलाई को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस से आग्रह किया गया है कि कसाबपुरा में काटने के लाए जाने वाले जानवरों को रोकने के लिए नियमित पेट्रोलिंग करने व पिकेट लगाने का आग्रह किया है। ताकि एक लंबे रास्ते पर पक्षियों को आने से रोका जा सके।
उन्होंने दूसरी तरफ विरोधाभासी जवाब में कहा कि ईदगाह बूचड़खाने को गाजीपुर स्थानांतरित कर दिया है और क्षेत्र में अवैध रूप से जानवरों की कटाई नहीं होती। बावजूद इसके याचिका में उठाए गए मुद्दो के ध्यानार्थ निगरानी बढ़ा दी है और मामले को गंभीरता से लिया है।
अब तक वूसला जा चुका है लाखों का जुर्माना
अधिकारी औचक निरीक्षण कर रहे है और ऐसा करते हुए पाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इस संबंध में एक संपत्ति को सील करने के अलावा जुलाई के अंत तक अवैध रूप से कटाई करने वालों पर 4.5 लाख से ज्यादा जुर्माना वसूला है।
खंडपीठ एनजीओ हेल्प इंडियन अंगेस्ट करप्शन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में आरोप लगाया है कि कसाब पुरा इलाके में धड़ल्ले से अवैध रूप से बूचड़खाने चलाएं जा रहें हैं। जिससे काफी परेशानी हो रही है।
याचिका में कहा गया है कि 2009 अदालत के निर्देशों के बाद अवैध बुचड़खानों को बंद किया गया था। लेकिन बावजूद इसके ईदगाह व कसाबपुरा इलाके में अभी भी धड़ल्ले से बुचड़खाने चल रहें हैं।