ये है दिल्ली के पुलिस थानों की शर्मनाक सच्चाई, यूपी और बिहार पुलिस को भी आ जाए शर्म
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- अन्य थानों के196 सीसीटीवी कैमरे हैं खराब
- पायलेट प्रोजेक्ट के तहत दस थानों में लगने वाले कैमरे दो साल बाद भी नहीं लगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
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हाईटेक सिक्योरिटी का दावा करने वाली दिल्ली पुलिस के 82 थानों के पास तीसरी आंख तक नहीं है। यानी इन थानों में सीसीटीवी कैमरे लगे ही नहीं है। दिल्ली के 108 पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिसमें से 64 थानों के सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हुए हैं।
जबकि 82 थानों में सीसीटीवी कैमरे आज तक नहीं लगे। दिल्ली महिला आयोग के नोटिस पर अपने जवाब में दिल्ली पुलिस ने इसका खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दस थानों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत लगने वाले कैमरे दो साल के बाद भी नहीं लगाए जा सके।
दिलचस्प बात यह है कि महिला आयोग ने 64 थानों में कैमरे खराब होने पर एक और नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के मुताबिक, दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजकर थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जानकारी मांगी थी।
पुलिस की ओर से दी गई जवाबी रिपोर्ट के मुताबिक कुल 108 पुलिस स्टेशनों में 435 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनमें से 64 थानों में 196 सीसीटीवी खराब पड़े हुए हैं। जबकि 82 थाने ऐसे हैं, जिसमें एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है।
आयोग ने भेजा पुलिस विभाग को नोटिस
सीसीटीवी लगाने के लिए एक पायलेट प्रोजेक्ट भी शुरू किया गया है, जिसके तहत दस थानों का चयन किया गया था। हर थाने में दस-दस कैमरे लगाने की योजना इस प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई थी।
आयोग अध्यक्ष का कहना है कि इस पायलेट प्रोजेक्ट को शुरू हुए दो साल बीत चुके हैं, लेकिन इन दस पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत केएन काटजू मार्ग, रोहिणी नॉर्थ, मोर्य एंक्लेव, जगत पुरी, मधु विहार, वसंत कुंज, साउथ कैंपस, जीटीबी एंक्लेव, राजौरी गार्डन, साकेत थाना शामिल है।
आयोग का कहना है कि अब पुलिस विभाग को 64 पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी कैमरों के काम न करने पर नोटिस भेजा है। जिसका जवाब पुलिस को दस दिन में देना होगा।