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Delhi NCR News: कॅरिअर के लिए सही विकल्प चयन करने में छात्रों की मदद करेगा सीबीएसई
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सीबीएसई ने छात्रों के कॅरिअर में मार्गदर्शन व मानसिक स्वास्थ्य के लिए शुरू किया डैशबोर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) अब छात्रों को कॅरिअर के लिए सही विकल्प चयन करने और मानसिक व भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर करने में सहायता प्रदान करेगा। सीबीएसई ने इसके लिए डैशबोर्ड व काउंसलिंग हब और स्पोक स्कूल मॉडल की शुरूआत की है। यह सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी। बोर्ड ने बृहस्पतिवार को इन योजनाओं को अपने द्वारका ऑफिस से लॉन्च किया।
सीबीएसई की ओर से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य कॅरिअर मार्गदर्शन के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करना और छात्रों के बीच समग्र मनो-सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना है। इन योजनाओं को लॉन्च करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में देशभर के 500 से अधिक प्रधानाचार्य, परामर्शदाता, वेलनेस शिक्षकों व शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित थे। बोर्ड का मानना है कि कॅरिअर गाइडेंस डैशबोर्ड से छात्रों को कॅरिअर के बेहतर विकल्पों की पहचान करने में आसानी होगी। इसके साथ ही स्कूल स्तर पर मानसिक और भावनात्मक सहयोग भी मिलेगा।
कार्यक्रम में सीबीएसई चेयरमैन राहुल सिंह ने कहा कि यह इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप लॉन्च किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों पहल स्कूलों और छात्रों के लाभ के लिए डिजाइन की गई हैं। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत रुचियों, क्षमताओं व मानसिक स्वास्थ्य के अनुसार मार्गदर्शन मिले। सीबीएसई सचिव हिमांशु गुप्ता ने कहा कि स्कूलों में कॅरिअर और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणालियों की आवश्यकता है। छात्र को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि सही मार्गदर्शन और मानसिक संतुलन की भी जरूरत है। इन दोनों पहल से छात्रों को लाभ होगा। वहीं, बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने परीक्षा सुधारों के संबंध में एक सत्र लिया जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप हुए बदलावों की जानकारी दी गई। इस दौरान उन्होंने स्कूलों की शंकाओं का समाधान भी किया।
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कॅरिअर गाइडेंस डैशबोर्ड इस तरह करेगा सहायता
सीबीएसई के अनुसार कॅरिअर गाइडेंस डैशबोर्ड एक डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं। जहां छात्रों को पाठ्यक्रम, कॅरिअर विकल्पों, रुचि परीक्षण, कॉलेज दाखिला, कौशल मैपिंग व कौशल संबंधी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी। छात्र यहां से एआई आधारित सुझावों के माध्यम से कॅरिअर के रास्तों को चुन सकते हैं। शिक्षक छात्रों के व्यक्तिगत कॅरिअर प्लानिंग में सहयोग करेंगे।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए हब एंड स्पोक माडल
बोर्ड ने मानसिक स्वास्थ्य के लिए हब एंड स्पोक मॉडल भी शुरू किया है। इसके तहत कुछ स्कूलों में मेंटर हब स्कूल बनाए जाएंगे। इससे वह अपने आसपास के स्कूलों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसमें छात्रों के लिए नियमित तौर पर परामर्श, वेलनेस प्रोग्राम, अभिभावकों के लिए कार्यशाला भी होंगी। यह मॉडल सीबीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) अब छात्रों को कॅरिअर के लिए सही विकल्प चयन करने और मानसिक व भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर करने में सहायता प्रदान करेगा। सीबीएसई ने इसके लिए डैशबोर्ड व काउंसलिंग हब और स्पोक स्कूल मॉडल की शुरूआत की है। यह सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी। बोर्ड ने बृहस्पतिवार को इन योजनाओं को अपने द्वारका ऑफिस से लॉन्च किया।
सीबीएसई की ओर से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य कॅरिअर मार्गदर्शन के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करना और छात्रों के बीच समग्र मनो-सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना है। इन योजनाओं को लॉन्च करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में देशभर के 500 से अधिक प्रधानाचार्य, परामर्शदाता, वेलनेस शिक्षकों व शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित थे। बोर्ड का मानना है कि कॅरिअर गाइडेंस डैशबोर्ड से छात्रों को कॅरिअर के बेहतर विकल्पों की पहचान करने में आसानी होगी। इसके साथ ही स्कूल स्तर पर मानसिक और भावनात्मक सहयोग भी मिलेगा।
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कार्यक्रम में सीबीएसई चेयरमैन राहुल सिंह ने कहा कि यह इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप लॉन्च किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों पहल स्कूलों और छात्रों के लाभ के लिए डिजाइन की गई हैं। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत रुचियों, क्षमताओं व मानसिक स्वास्थ्य के अनुसार मार्गदर्शन मिले। सीबीएसई सचिव हिमांशु गुप्ता ने कहा कि स्कूलों में कॅरिअर और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणालियों की आवश्यकता है। छात्र को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि सही मार्गदर्शन और मानसिक संतुलन की भी जरूरत है। इन दोनों पहल से छात्रों को लाभ होगा। वहीं, बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने परीक्षा सुधारों के संबंध में एक सत्र लिया जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप हुए बदलावों की जानकारी दी गई। इस दौरान उन्होंने स्कूलों की शंकाओं का समाधान भी किया।
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कॅरिअर गाइडेंस डैशबोर्ड इस तरह करेगा सहायता
सीबीएसई के अनुसार कॅरिअर गाइडेंस डैशबोर्ड एक डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं। जहां छात्रों को पाठ्यक्रम, कॅरिअर विकल्पों, रुचि परीक्षण, कॉलेज दाखिला, कौशल मैपिंग व कौशल संबंधी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी। छात्र यहां से एआई आधारित सुझावों के माध्यम से कॅरिअर के रास्तों को चुन सकते हैं। शिक्षक छात्रों के व्यक्तिगत कॅरिअर प्लानिंग में सहयोग करेंगे।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए हब एंड स्पोक माडल
बोर्ड ने मानसिक स्वास्थ्य के लिए हब एंड स्पोक मॉडल भी शुरू किया है। इसके तहत कुछ स्कूलों में मेंटर हब स्कूल बनाए जाएंगे। इससे वह अपने आसपास के स्कूलों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसमें छात्रों के लिए नियमित तौर पर परामर्श, वेलनेस प्रोग्राम, अभिभावकों के लिए कार्यशाला भी होंगी। यह मॉडल सीबीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।