CBSE पेपर लीकः दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस और HRD मंत्रालय को फटकार
इस मामले में हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और एचआरडी मंत्रालय को फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।
Delhi High Court issued notice to CBSE, Delhi Police and HRD ministry on a PIL seeking 10th Maths paper be preferably held earlier and also seeking court monitored probe into #CBSEPaperLeak . Next date of hearing is 16th March
— ANI (@ANI) April 2, 2018विज्ञापन
वहीं इससे पहले कोर्ट ने दायर याचिका की सुनवाई करने पर अपनी सहमति दे दी थी। बता दें कि सीबीएसई के 10वीं मैथ्स और 12वीं इकोनॉमिक्स के पेपर लीक हो गए हैं। जिसके बाद सीबीएसई ने 12वीं की दोबारा परीक्षा तो 25 अप्रैल को निर्धारित की है लेकिन 10वीं के अगर हुए तो जुलाई में होने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र के पेपर को लीक करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो प्राइवेट स्कूल के शिक्षक व एक ट्यूटर शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक बाहरी दिल्ली के मदर खजानी कॉन्वेंट स्कूल से पेपर लीक हुआ था। आरोपियों ने परीक्षा शुरू होने से करीब 45 मिनट पहले अर्थशास्त्र के पेपर को व्हाट्स ऐप पर लीक कर दिया था।
मामले में स्कूल के दो शिक्षक झज्जर, हरियाणा निवासी रोहित (26) व हस्तसाल, बवाना निवासी ऋषभ (29) और कोचिंग सेंटर के ट्यूटर तौकीर (28) को गिरफ्तार किया गया है। माना जा रहा है कि पुलिस इस मामले में जल्द ही कुछ और लोगों को गिरफ्तार कर सकती है।
पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख व संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि रविवार सुबह तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें दो स्कूली शिक्षक और एक कोचिंग सेंटर का शिक्षक शामिल है।
उन्होंने बताया कि नियम के मुताबिक स्कूल में पेपर करीब 9:45 बजे खुलता है। मगर इन दोनों शिक्षकों ने 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र के पेपर को करीब 9 बजे खोल लिया था।
ऋषभ के कहने पर रोहित ने पेपर को व्हाट्स ऐप पर तौकीर को भेज दिया। तौकीर ने आगे कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले कई छात्रों को भेज दिया। इसी कोचिंग सेंटर के एक छात्र के व्हाट्स ऐप के जरिये पुलिस कोचिंग देने वाले ट्यूटर देने वाले तौकीर तक पहुंची थी। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जेजे कॉलोनी बवाना निवासी तौकीर ने कितने छात्रों को व्हाट्स ऐप पर पेपर भेजे थे और पेपर भेजनेे के कितने पैसे मिले थे। साथ ही इस बात की जांच की जा रही है कि तौकीर ने दोनों शिक्षकों को कितने पैसे दिए थे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि तौकीर व दोनों शिक्षक अच्छे दोस्त हैं। तौकीर बवाना स्थित इजी क्लासेस ट्यूटर सेंटर में पढ़ाता था। ऋषभ बाहरी दिल्ली में स्थित प्राइवेट स्कूल में फिजिक्स का टीचर है। रोहित इसी स्कूल में गणित का टीचर है।
एक दिन पहले पेपर लीक करने वाले मामला अलग, अलग-अलग टीम कर रही जांच
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये कहा जा रहा है कि 12वीं कक्षा का अर्थशास्त्र का पेपर एक दिन पहले लीक हो गया था।
दिल्ली पुलिस ने दो शिक्षक रोहित व ऋषभ और ट्यूटर को गिरफ्तार किया है। उनका अर्थशास्त्र का पेपर एक दिन पहले लीक होने वाले मामले से कोई संबंध नहीं है। अर्थशास्त्र के पेपर को एक दिन पहले लीक करने वाला गिरोह अलग है।
अलग-अलग टीम कर रही जांच
सीबीएसई परीक्षा लीक मामले की जांच अपराध शाखा की एसआईटी कर रही है। संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार एसआईटी के प्रमुख हैं। इन एसआईटी में दो डीसीपी डॉ. रामगोपाल नायक व डॉ. जॉय टर्की हैं।
डॉ. रामगोपाल नायक की टीम 12 कक्षा के अर्थशास्त्र के पेपर लीक मामले की और डॉ. टर्की की टीम 10वीं के गणित के पेपर लीक मामले की जांच कर रही है।
सीबीएसई अधिकारी व कर्मचारियों से हो रही पूछताछ
एसआईटी प्रमुख व संयुक्त सचिव आलोक कुमार ने बताया कि एसआईटी सीबीएसई के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
हालांकि अब तक पूछताछ में पेपर लीक से जुड़ा कुछ सुराग नहीं मिला है। हालांकि अभी तक किसी भी सीबीएसई अधिकारी या कर्मचारी को क्लीन चिट नहीं दी गई है।