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सीबीएसई: 12वीं के अंग्रेजी के पेपर में विसंगति का आरोप, बोर्ड ने कहा- छात्र हित में होगा निर्णय
Sun, 03 Mar 2019 02:20 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 03 Mar 2019 02:20 AM IST
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सीबीएसई
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की शनिवार को 12वीं के अंग्रेजी के पेपर में कुछ क्षेत्रों में विसंगति होने का आरोप लग रहा है। इस कारण से हर्जाने के तौर पर अंक देने की मांग की जा रही है। इस पर बोर्ड ने स्पष्ट किया कि इस मामले की पूरी जानकारी प्राप्त होने के बाद ही छात्र हित में निर्णय लिया जाएगा। ऐसे मामले सामने आने पर बोर्ड एक प्रक्रिया को अपनाता है।
सोशल मीडिया पर अभिभावकों की ओर से यह बात सामने आई कि 12वीं के अंग्रेजी विषय में एचजी वेल्स की द इनविजिबल मैन व जार्ज इलिओट की सिलास मार्नर पुस्तक पाठ्यक्रम के तहत निर्धारित की गई है। इसमें से एक ही को चुनना होता है, जबकि कुछ सेट में दोनों पुस्तकों से ही प्रश्न पूछ लिए गए। वहीं, उनमें से एक को हल करने का विकल्प भी नहीं दिया गया।
इस मामले का उल्लेख किए बिना बोर्ड ने स्पष्ट किया कि परीक्षा समाप्त होने के 24 घंटे के बाद विषय विशेषज्ञों व स्कूलों से सूचना मिलती है तो इस पर विचार किया जाता है। बोर्ड की पॉलिसी के अनुसार, उस सूचना पर विचार करने के बाद विसंगति सही पाए जाने पर छात्र हित में फैसला लिया जाता है। बोर्ड की नीति है कि छात्रों को किसी तरह से नुकसान न हो।
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सोशल मीडिया पर अभिभावकों की ओर से यह बात सामने आई कि 12वीं के अंग्रेजी विषय में एचजी वेल्स की द इनविजिबल मैन व जार्ज इलिओट की सिलास मार्नर पुस्तक पाठ्यक्रम के तहत निर्धारित की गई है। इसमें से एक ही को चुनना होता है, जबकि कुछ सेट में दोनों पुस्तकों से ही प्रश्न पूछ लिए गए। वहीं, उनमें से एक को हल करने का विकल्प भी नहीं दिया गया।
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इस मामले का उल्लेख किए बिना बोर्ड ने स्पष्ट किया कि परीक्षा समाप्त होने के 24 घंटे के बाद विषय विशेषज्ञों व स्कूलों से सूचना मिलती है तो इस पर विचार किया जाता है। बोर्ड की पॉलिसी के अनुसार, उस सूचना पर विचार करने के बाद विसंगति सही पाए जाने पर छात्र हित में फैसला लिया जाता है। बोर्ड की नीति है कि छात्रों को किसी तरह से नुकसान न हो।
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