CBSE 10th Result: देशभर में नकल के मामले पांच गुणा बढ़े, सर्वाधिक अजमेर रीजन में
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केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में नकल के मामले पिछले साल की तुलना में पांच गुणा बढ़ गए हैं। बीते साल जहां 26 मामले सामने आए थे, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 137 हो गया है। नकल के सर्वाधिक 59 मामले अजमेर रीजन से, चैन्नई 30 और पंचकूला से 22 मामले सामने आए हैं। बीते साल अजमेर व चैन्नई रीजन से नकल का एक भी मामला नहीं था। जबकि पंचकूला से आठ मामले आए थे। त्रिवेंद्रम पास प्रतिशत हासिल करने में नंबर वन रहा है। वहीं इस रीजन से नकल का एक भी मामला सामने नहीं आया है। बीते साल यहां से नकल के तीन मामले प्रकाश में आए थे।
दिल्ली से बीते साल एक भी नकल का मामला नहीं था जबकि इस बार दो केस पकड़े गए। देहरादून से बीते साल एक मामला था जो इस साल बढ़कर आठ तक पहुंच गया। पटना रीजन से नकल के मामलों में सुधार हुआ है। बीते साल यहां चार मामले थे जो घटकर इस साल एक रह गया है। भुवनेश्वर से पांच मामले, गुहावटी से छह, प्रयागराज से चार मामले सामने आए हैं। बीते साल प्रयागराज में नकल के सात मामले थे।
केवीएस ने मारी बाजी, रिजल्ट में नंबर वन
दसवीं के नतीजों में केन्द्रीय विद्यालयों ने बाजी मारी है। केवीएस ने जवाहर नवोदय विद्यालयों को पीछे छोड़ते हुए नंबर वन का ताज पहना। इस साल इन स्कूलों का पास प्रतिशत 99.47 फीसदी रहा है जो कि बीते साल के मुकाबले में 3.51 फीसदी अधिक है। त्रिवेंद्रम रीजन में 99.98 फीसदी, दिल्ली में 99.80 फीसदी, पंचकूला में 99.75, देहरादून में 99.63, चैन्नई में 99.58 फीसदी, भुवनेश्वर में 99.54, अजमेर 99.37 फीसदी, प्रयागराज में 99.33, पटना में 98.93, गुहावटी में पास प्रतिशत 98.47 रहा है।
नवोदय विद्यालयों का पास प्रतिशत 98.75 फीसदी रहा है। बीते साल ये स्कूल 97.31 फीसदी के साथ पहले स्थान पर थे। इस साल निजी स्कूलों का परिणाम 94.15 फीसदी जबकि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों का 76.95 फीसदी और सरकारी स्कूलों का परिणाम 71.91 फीसद रहा। प्राइवेट छात्रों का रिजल्ट 11.86 फीसदी रहा है।