प्रद्युम्न हत्याकांड : CBI ने दी अशोक को क्लीन चिट, 16 नवंबर को होगी जमानत पर बहस
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भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को हुए प्रद्युम्न हत्याकांड के मामले में गुरुग्राम पुलिस द्वारा गिरफ्तार बस कंडक्टर अशोक को सीबीआई ने क्लीन चिट दे दी है।
सीबीआई का कहना है कि बच्चे की हत्या में अशोक की कोई संलिप्तता नहीं है। यह बात शुक्रवार को बस कंडक्टर अशोक के अधिवक्ता मोहित वर्मा ने अदालत में जमानत याचिका दायर करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कही।
अधिवक्ता मोहित वर्मा ने कहा कि सीबीआई द्वारा अशोक को क्लीन चिट दिए जाने के बाद ही उन्होंने जमानत याचिका अदालत में दायर की है। यह याचिका अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी यादव की अदालत में दायर की गई है।
इस मामले में अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए 16 नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। इस दिन अदालत में दोनों पक्षों की जमानत याचिका पर बहस होगी, जिसके बाद अदालत अपना फैसला देगी।
'पुलिस की थ्योरी गलत है और अशोक से डंडे के जोर पर गुनाह कबूल करवाया गया है'
उन्होंने कहा कि वह शुरू से ही इस मामले में साफ कह रहे थे कि गुरुग्राम पुलिस की थ्योरी गलत है और अशोक से डंडे के जोर पर गुनाह कबूल करवाया गया है। उसे इतना अधिक टॉर्चर किया गया कि उसने पुलिस की मार से बचने के लिए पूरा गुनाह अपने ऊपर ले लिया।
मामला सीबीआई के पास जाने से सभी को आस जगी और अब जल्द ही अशोक रिहा हो जाएगा और अपने परिवार के पास पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता अशोक को जेल से रिहा करवाना है।
गुरुग्राम पुलिस द्वारा उसके सम्मान को पहुंचाई गई ठेस को लेकर उन पर मानहानि का मुकदमा अशोक के जेल से बाहर आने के बाद चलाया जाएगा। अशोक के पिता अमीचंद ने बताया कि अब उन्हें आस जगी है कि उनका बेटा जल्द ही अदालत से बाहर आ जाएगा।
पुलिस द्वारा उनके बेटे को झूठा फंसाए जाने को लेकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पहले गांव में पंचायत की जाएगी। पंचायत के फैसले के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।