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Delhi: 'केजरीवाल की मानी तो सभी जज अयोग्य हो जाएंगे', रिक्यूजल मांग पर CBI का जवाब; पढ़ें हलफनामे में क्या कहा

Thu, 16 Apr 2026 10:05 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 16 Apr 2026 10:05 PM IST
सार

दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की रिक्यूजल मांग पर सीबीआई ने सख्त जवाब दाखिल किया है। सीबीआई ने कहा कि अगर केजरीवाल की दलील मानी गई तो पूरे देश के जजों को केंद्र, राज्य सरकारों या राजनीतिक नेताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई करने से अयोग्य ठहरा दिया जाएगा।

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CBI filed response to demand for recusal of Justice Swarna Kanta Sharma in Delhi Excise Policy scam
जज स्वर्ण कांता शर्मा और अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के मामले में आप के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की रिक्यूजल की मांग पर सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल किया है। सीबीआई ने अदालत में दाखिल लिखित जवाब में कहा कि अगर केजरीवाल की दलील को स्वीकार किया गया तो पूरे देश के जजों को केंद्र सरकार, राज्य सरकारों या राजनीतिक नेताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई से अयोग्य ठहरा दिया जाएगा।

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सीबीआई ने दाखिल किया हलफनामा
सीबीआई ने अपने हलफनामे में कहा, केजरीवाल की इस दलील को स्वीकार किया जाए कि न्यायमूर्ति शर्मा इसलिए रिक्यूज हो जाएं, क्योंकि उनके बच्चे केंद्र सरकार की पैनल में हैं, तो देश भर के सभी जज जिनके रिश्तेदार किसी भी सरकारी पैनल पर हैं, उन्हें संबंधित सरकारों या राजनीतिक नेताओं के मामलों की सुनवाई करने से वंचित कर दिया जाएगा। इस तर्क को बढ़ा-चढ़ाकर लागू किया जाए तो सभी राज्य सरकारों, केंद्र सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से जुड़े मामलों में ऐसे सभी जज अयोग्य माने जाएंगे जिनके रिश्तेदार इनकी पैनल पर हैं। 

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'केजरीवाल की मानी तो सभी जज अयोग्य'
सीबीआई ने यह भी कहा कि केजरीवाल की इस तर्क के आधार पर तो उन कानून अधिकारियों को भी सभी ऐसे जजों के सामने पेश होने से अयोग्य ठहरा दिया जाएगा जो पैनल वकीलों को केस आवंटित करते हैं। एजेंसी ने केजरीवाल द्वारा दायर अतिरिक्त हलफनामे को बाद का सोचा-समझा कदम करार देते हुए आरोप लगाया कि इसका मकसद अदालती संस्था और व्यक्तियों को बदनाम करना तथा दबाव बनाना है।

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सोशल मीडिया के दबाव में फैसला होगा गलत मिसाल
सीबीआई ने कहा कि न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ संगठित सोशल मीडिया अभियान चलाया जा रहा है। सीबीआई ने चेतावनी देते हुए कहा, अगर इस आधार पर या सोशल मीडिया अभियान के दबाव में अदालत रिक्यूजल का फैसला करती है तो यह बहुत गलत मिसाल कायम होगी। इससे बेईमान मुकदमेबाजों को प्रोत्साहन मिलेगा कि वे माननीय जजों पर दबाव डालें, उन्हें शर्मिंदा करें, बदनाम करें और मामले को दूसरी बेंच में शिफ्ट करवा लें।

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