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दिल्ली में सात शातिर गिरफ्तार: कौन हैं ये बच्चा चोर, कैसे करते थे मासूमों का सौदा; क्या लगती थी इनकी कीमत

Sat, 06 Apr 2024 05:24 PM IST
Vikas Kumar पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 06 Apr 2024 05:24 PM IST
सार

दिल्ली में मासूमों की सौदेबाजी को लेकर सीबीआई ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। चंद पैसों के लिए नवजातों की खरीद-फरोख्त को अंजाम दिया जा रहा था। इस काम में अस्तपतालों में काम करने वाले भी अपनी भूमिका निभा रहे थे। इनके तरीके के बारे में जानकर हर कोई हैरान है।

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CBI arrests seven members of child trafficking gang in delhi
दिल्ली में बच्चा चोर गैंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीबीआई ने शनिवार को दिल्ली में एक बड़े बच्चा चोर गैंग का पर्दाफाश किया है। इस मामले में संलिप्त सात लोगों को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार भी किया है। ये गैंग चोरी किए गए बच्चों को सोशल मीडिया पर विज्ञापन के माध्यम से निःसंतान माता-पिता को बेचते थे।

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एजेंसी को मिले दो नवजात
सीबीआई के अधिकारी ने बताया कि हमें इनपुट मिले थे इसी आधार पर हमारी टीम ने हरियाणा और दिल्ली के सात ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन में हमें एक डेढ़ दिन तो दूसरा 15 दिन के दो नवजात मिले। यह गिरोह इन्हें बेचने की फिराक में था।  

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कौन हैं गैंग के लोग
जिन सात आरोपियों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है उनकी पहचान सोनीपत के नीरज, दिल्ली के पश्चिम विहार की इंदु, पटेल नगर का अस्लम, कन्हैया नगर की पूजा कश्यप, माल्विय नगर की अंजली, कविता और रितू के तौर पर हुई है। 
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कैसे बेचते थे बच्चा
पकड़े गए आरोपियों से शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह लोग बच्चों को बेचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया करते थे। आमतौर पर ये फेसबुक पेज, व्हाट्सएप ग्रुप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देकर गोद लेने वाले इच्छुक निःसंतान दंपत्तियों से संपर्क किया करते थे। 

कितने में होता था एक बच्चे का सौदा
अधिकारी ने बताया कि ये वास्तविक माता-पिता और सरोगेट माताओं से भी बच्चा खरीदकर निःसंतान दंपत्तियों को बेचा करते थे। एक नवजात की कीमत चार से छह लाख रुपये होती थी। इन्होंने कई निःसंतान माता-पिता के साथ लाखों रुपये की ठगी भी की है। तलाशी के दौरान इनके पास से साढ़े पांच लाख रुपये कैश और गोद लेने से संबंधित कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। 

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