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बीटेक छात्र संग फर्जी मुठभेड़: सिविल ड्रेस में पहुंचकर छात्र को बेरहमी से पीटा, 12 पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज

Thu, 10 Apr 2025 02:04 PM IST
श्याम जी. माई सिटी रिपोर्ट, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्ट, ग्रेटर नोएडा Published by: श्याम जी. Updated Thu, 10 Apr 2025 02:04 PM IST
सार

ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर 2022 में बीटेक छात्र सोमेश गौतम के साथ कथित फर्जी मुठभेड़ के मामले में 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मथुरा निवासी तरुण गौतम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके घर में घुसकर तोड़फोड़ की, बेटे को जबरन हिरासत में लेकर मारपीट की और फर्जी मुठभेड़ में गोली मारकर कई झूठे मुकदमे लाद दिए।

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Case filed against 12 policemen in Greater Noida for fake encounter with B.Tech student
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जेवर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर फर्जी मुठभेड़ के मामले में पूर्व कोतवाल अंजनी कुमार समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मथुरा निवासी तरुण गौतम ने आरोप लगाया कि चार सितंबर 2022 की रात करीब 8:45 बजे उनके घर पर बिना नंबर की दो गाड़ियां रुकीं, जिनमें सिविल ड्रेस में 10-12 लोग सवार थे।

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इन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर जबरन घर में घुसकर तोड़फोड़ की, अभद्रता की और 22 हजार रुपये नकद जब्त कर लिए। उन्होंने उनके बेटे सोमेश गौतम उर्फ सीटू के बारे में पूछताछ की। तरुण ने बताया कि उनका बेटा दिल्ली में कोचिंग कर रहा है, लेकिन पुलिस ने विश्वास न करते हुए घर की तलाशी ली और उन्हें जबरन गाड़ी में डालकर अज्ञात स्थान पर ले गई, जहां उनकी पिटाई की गई।  
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बिजली के झटके दिए गए
अगले दिन सुबह पुलिस उन्हें दिल्ली ले गई और सोमेश को उसके ठिकाने से पकड़ लिया। वहां से उसे जेवर थाने लाया गया, जहां बर्बरतापूर्वक पिटाई की गई और बिजली के झटके दिए गए। पुलिस ने दबाव डालकर झूठा अपराध कबूल करवाने की कोशिश की। इसके बाद सोमेश को कथित फर्जी मुठभेड़ में घायल किया गया। उसकी आंखों पर पट्टी बांधकर पैर में गोली मारी गई। 
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पांच फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए
इसके बाद उस पर चोरी, आर्म्स एक्ट, हत्या, हत्या का प्रयास और गैंगस्टर एक्ट सहित पांच फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए। तरुण का आरोप है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष अंजनी कुमार ने उन्हें रिहा करने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जो मजबूरी में उनके भाई के जरिए दी गई। इसके अलावा, सोमेश से बरामद दिखाई गई बाइक को बाद में दूसरे केस में किसी अन्य आरोपी से बरामद दिखाया गया।

थाने से भगा दिया गया
तरुण ने कई बार पुलिस आयुक्त गौतम बुद्ध नगर को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 10 जून 2024 को जब वह दोबारा थाना जेवर रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, तो उन्हें भगा दिया गया। आखिरकार, न्याय के लिए उन्होंने कोर्ट की शरण ली, जिसके बाद यह मुकदमा दर्ज हुआ।  

इन पुलिसकर्मियों पर मुकदमा
तत्कालीन कोतवाल उपनिरीक्षक (एसआई) अंजनी कुमार, उपनिरीक्षक राकेश बाबू, उपनिरीक्षक अनिरुद्ध यादव, उपनिरीक्षक शरद यादव, उपनिरीक्षक चाँदवीर, उपनिरीक्षक सन्नी कुमार, उपनिरीक्षक नीलकांत, कांस्टेबल रोहित कुमार, कांस्टेबल भूरी सिंह, कांस्टेबल जय प्रकाश, कांस्टेबल नौस कुमार, और कांस्टेबल छीतर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 452 (घर में अनधिकृत प्रवेश)। 


504 (शांति भंग करने हेतु अपमान), 506 (आपराधिक धमकी), 323 (स्वेच्छा से चोट), 427 (संपत्ति को नुकसान), 395 (डकैती), 342 (गलत बंधन), 307 (हत्या का प्रयास), 195 (झूठे सबूत गढ़ना), 219 (भ्रष्ट रिपोर्टिंग), और 34 (साझा आपराधिक कृत्य) के तहत केस दर्ज कर जाँच शुरू की है।  


 
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