PM मोदी और उनके मंत्रियों ने तोड़ा कानून!
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित एनडीए के कई मंत्री पब्लिक रिकॉर्ड एक्ट का उल्लंघन कर फेसबुक और ट्विटर पर अपने सरकारी अकाउंट खोल रहे हैं।
याची केएन गोविंदाचार्य ने हाईकोर्ट को यह जानकारी दी। अदालत ने उन्हें इस मामले में शपथपत्र सहित विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया है।
उधर, केंद्र सरकार ने बताया कि नई ई-मेल नीति तैयार है और केबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद उसे लागू कर दिया जाएगा।
तो इसलिए दायर की याचिका?
कार्यकारी न्यायाधीश बी.डी.अहमद और सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ को सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता विराग गुप्ता ने बताया कि नई सरकार के कई मंत्री अपने सरकारी कामकाज के लिए फेसबुक, ट्विटर और ई-मेल का प्रयोग कर रहे हैं। यह पब्लिक रिकार्ड एक्ट का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश सोशल साइट के कार्यालय विदेशों में हैं। इस प्रकार डाटा देश से बाहर जा रहा है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि नेशनल ई-मेल नीति के मुद्दे पर सचिवालय की बैठक 15 जुलाई को हुई थी।
हाईकोर्ट सख्त, कड़े निर्देश
इसमें सरकारी कर्मचारियों द्वारा तालमेल के लिए ई-मेल नीति पर विचार किया गया। यह पॉलिसी केबिनेट के पास भेज दी गई है और मंजूरी मिलते ही उसे लागू कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय यूजर्स का डाटा विदेशों में स्थित इंटरनेट सर्विस के जरिए बाहर जाने से रोकने के लिए नई ई-मेल नीति बनाने का निर्देश दिया था। अदालत ने माना था कि सरकारी स्तर पर इंटरनेट से कार्य करना और उसका रिकार्ड बाहर जाना गंभीर मामला है।