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गलत वायरिंग या सर्विस न कराने से लगती है कार में आग
Fri, 30 Aug 2019 06:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
राजीव कुमार/शुजात आलम, नई दिल्ली
राजीव कुमार/शुजात आलम, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 30 Aug 2019 06:27 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी में बढ़ती जनसंख्या के साथ कारों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। इनमें बड़ी संख्या सीएनजी कारों की है। बढ़ती कारों की संख्या के बीच अक्सर राजधानी में चलती कारों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
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मयूर विहार में बुधवार और कंझावला में मंगलवार को कुछ ऐसे ही हुआ। चलती कारों में आग लग गई। दिल्ली पुलिस व दमकल अधिकारियों की मानें तो हर दिन राजधानी में औसतन छह कारों में किसी न किसी कारण आग लग जाती है।
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लोगों का मानना है कि कारों में आग लगने के लिए सीएनजी जिम्मेदार होती है, लेकिन विशेषज्ञों की राय इससे अलग है। उनका कहना है कि सीएनजी विस्फोटक गैस नहीं है।
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दिल्ली-एनसीआर में आजकल लाखों की तादाद में सीएनजी से चलने वाली गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही हैं लेकिन ज्यादातर मामलों में आग उसी कार में लगती है जिसमें गलत तरीके से वायरिंग के अलावा सीएनजी किट अनाड़ी मेकेनिक से लगवाई गई होती है। कुछ मामलों में सर्विस का ध्यान नहीं रखा गया होता है। कुछ बातों का ख्याल रखकर इन हादसों को टाला जा सकता है।
ऑटो एक्सपर्ट अब्दुल वाहिद ने बताया कि शॉर्ट सर्किट से आग लगने की वजह यह है कि आजकल लोग कार में बैट्री की क्षमता से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगवा लेते हैं। छह-छह स्पीकरों के साथ म्यूजिक सिस्टम, जगह-जगह एक्सट्रा लाइटें लगाने के कारण बैट्री पर लोड बढ़ जाता है। वहीं इन सब चीजों को लगवाने के लिए अतिरिक्त वायरिंग करवानी पड़ती है।
अगर आपने ये फिटिंग किसी अनाड़ी मैकेनिक से कराई है तो वह जुगाड़ करके तार जोड़ देता है। बाद में यही तार आग लगने की वजह बनते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सीएनजी वाली कार में आग तो लग सकती है, लेकिन उसकी वजह सीएनजी नहीं होती। आग लगने की वजहें वही रहती हैं। खराब वायरिंग के अलावा अनाड़ी लोगों से गाड़ी की सर्विस कराना आग लगने का बड़ा कारण है।
जहां तक सीएनजी की बात है तो आग लगने की सूरत में भी पेट्रोल तो जरूर आग भड़काने का काम करता है, लेकिन सीएनजी का इसमें कोई रोल नहीं होता। इसके अलावा विशेषज्ञों का कहना है कि सब गाड़ियों में सीएनजी नही लग पाती है, लेकिन लोग जबरदस्ती उन गाड़ियों में भी मैकेनिक से लोकल सीएनजी किट लगवा लेते हैं। यह आग लगने की एक बड़ी वजहों में शामिल होता है।
चालक को एकदम नहीं चलता आग लगने का पता
कार में जब आग लगती है तो एकदम से लपटें नहीं उठने लगतीं बल्कि धीरे-धीरे कार आग पकड़ती है। पहले कार में से थोड़ा-थोड़ा धुआं निकलता है जिसका ड्राइवर को पता नहीं चलता। आमतौर पर देखा गया है कि जब किसी कार में से धुआं निकल रहा होता है तो ड्राइवर को पता नहीं चल पाता। राहगीर या दूसरे लोग उसे बताते हैं कि कार में आग लग गई है। अगर आग का जल्दी पता नहीं चल पाए तो आग भड़क जाती है और कार लपटों में घिर जाती है। कार में आग लगते ही उसका ऑटोमेटिक सिस्टम काम करना बंद कर देता है और लोग कार में फंस जाते हैं।
आग न लगे इसके लिए ऐसे करें बचाव
-कार में आग से बचाव के लिए कार की सर्विस हमेशा समय पर कराएं।
-कार की सर्विस या तो अधिकृत सर्विस स्टेशन या ट्रेंड मेकेनिक से ही कराएं।
-कार में जरूरत से ज्यादा एसेसरीज न लगवाएं, हमेशा ध्यान रखें कि बैट्री पर जरूरत से ज्यादा लोड न पड़े।
-कार को समय-समय पर खुद भी चेक करते रहें, कहीं कोई तार कटा हो या पाइप गला तो उसे तुरंत बदलवाएं।
-कार में छोटी-मोटी आग बुझाने के लिए आग बुझाने वाला सिलेंडर जरूर होना चाहिए।
-कार में सीएनजी किट हमेशा अधिकृत डीलर से ही लगवाएं, समय-समय पर उसकी जांच भी करवाते रहें।
-सीएनजी किट लगवाने की सूरत में वायरिंग अच्छी क्वॉलिटी की लगवाएं और वायरिंग हमेशा कवर होनी चाहिए।
आग लग जाए तो क्या करें
-आग लगने पर आप घबराएं नहीं, सबसे पहले इंजन बंद करने का प्रयास करें, ऐसा करने से तेल की सप्लाई बंद हो जाती है और आग भड़कने का खतरा कम हो जाता है।
-धुआं या आग की गंध आने पर तुरंत कार रोककर बाहर निकल जाएं। बाहर निकलकर कार से दूर हट जाएं।
-अगर सेंट्रल लॉक की वजह से कार के दरवाजे जाम हो गए हों तो खुद ही अंदर से कार के दरवाजे खोलने का प्रयास करें।
-कार में हमेशा कोई हथौड़ा या भारी वस्तु रखेें, जिससे कार के दरवाजे जाम होने की सूरत में शीशों को तोड़ा जा सके।
-यदि किसी वजह से कार के शीशे नहीं टूटे, तो सामने वाले शीशे पर सीट पर बैठे हुए जोर लगाएं, ऐसा करने से शीशा बाहर निकल जाता है।
-कार से बाहर निकलने के बाद आसपास मिट्टी या बालू से आग बुझाने का प्रयास करें।
दिल्ली में कार में आग लगने की घटनाएं
-10 मार्च 2019 : अक्षरधाम मंदिर के पास चलती कार में लगी आग, 35 साल की महिला व उसकी छह और डेढ़ साल की दो बच्चियों की जिंदा जलने से मौत।
-24 फरवरी 2019 : आनंद विहार के पास कार और वैन में टक्कर के बाद लगी आग, तीन लोगों की झुलसने से हुई मौत।
-11 अगस्त 2018 : शेख सराय इलाके में बीच सड़क पर कार में लगी आग, चालक की झुलसकर मौत।
-24 मार्च 2017 : बुध विहार में पार्किंग में खड़ी कार में लगी आग, कार में खेल रही दो बच्चियां झुलसीं।
-9 फरवरी 2017 : नंदनगरी इलाके में चलती कार में लगी आग, ड्राइवर की झुलसकर मौत।
-5 जून 2014 : बिजवासन इलाके में कार में लगी आग, दो भाईयों की झुलसकर मौत।
-26 जनवरी 2012 : दिलशाद गार्डन में एक कार में लगी आग, महिला और दो बच्चों की झुलसकर मौत।
आग न लगे इसके लिए ऐसे करें बचाव
-कार में आग से बचाव के लिए कार की सर्विस हमेशा समय पर कराएं।
-कार की सर्विस या तो अधिकृत सर्विस स्टेशन या ट्रेंड मेकेनिक से ही कराएं।
-कार में जरूरत से ज्यादा एसेसरीज न लगवाएं, हमेशा ध्यान रखें कि बैट्री पर जरूरत से ज्यादा लोड न पड़े।
-कार को समय-समय पर खुद भी चेक करते रहें, कहीं कोई तार कटा हो या पाइप गला तो उसे तुरंत बदलवाएं।
-कार में छोटी-मोटी आग बुझाने के लिए आग बुझाने वाला सिलेंडर जरूर होना चाहिए।
-कार में सीएनजी किट हमेशा अधिकृत डीलर से ही लगवाएं, समय-समय पर उसकी जांच भी करवाते रहें।
-सीएनजी किट लगवाने की सूरत में वायरिंग अच्छी क्वॉलिटी की लगवाएं और वायरिंग हमेशा कवर होनी चाहिए।
आग लग जाए तो क्या करें
-आग लगने पर आप घबराएं नहीं, सबसे पहले इंजन बंद करने का प्रयास करें, ऐसा करने से तेल की सप्लाई बंद हो जाती है और आग भड़कने का खतरा कम हो जाता है।
-धुआं या आग की गंध आने पर तुरंत कार रोककर बाहर निकल जाएं। बाहर निकलकर कार से दूर हट जाएं।
-अगर सेंट्रल लॉक की वजह से कार के दरवाजे जाम हो गए हों तो खुद ही अंदर से कार के दरवाजे खोलने का प्रयास करें।
-कार में हमेशा कोई हथौड़ा या भारी वस्तु रखेें, जिससे कार के दरवाजे जाम होने की सूरत में शीशों को तोड़ा जा सके।
-यदि किसी वजह से कार के शीशे नहीं टूटे, तो सामने वाले शीशे पर सीट पर बैठे हुए जोर लगाएं, ऐसा करने से शीशा बाहर निकल जाता है।
-कार से बाहर निकलने के बाद आसपास मिट्टी या बालू से आग बुझाने का प्रयास करें।
दिल्ली में कार में आग लगने की घटनाएं
-10 मार्च 2019 : अक्षरधाम मंदिर के पास चलती कार में लगी आग, 35 साल की महिला व उसकी छह और डेढ़ साल की दो बच्चियों की जिंदा जलने से मौत।
-24 फरवरी 2019 : आनंद विहार के पास कार और वैन में टक्कर के बाद लगी आग, तीन लोगों की झुलसने से हुई मौत।
-11 अगस्त 2018 : शेख सराय इलाके में बीच सड़क पर कार में लगी आग, चालक की झुलसकर मौत।
-24 मार्च 2017 : बुध विहार में पार्किंग में खड़ी कार में लगी आग, कार में खेल रही दो बच्चियां झुलसीं।
-9 फरवरी 2017 : नंदनगरी इलाके में चलती कार में लगी आग, ड्राइवर की झुलसकर मौत।
-5 जून 2014 : बिजवासन इलाके में कार में लगी आग, दो भाईयों की झुलसकर मौत।
-26 जनवरी 2012 : दिलशाद गार्डन में एक कार में लगी आग, महिला और दो बच्चों की झुलसकर मौत।