फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Cab and auto drivers denie to go JNU after violence

जेएनयू नहीं जा रहे कैब व ऑटो चालक, पैदल चलने पर मजबूर हुए छात्र

Fri, 10 Jan 2020 09:48 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 10 Jan 2020 09:48 PM IST
विज्ञापन
Cab and auto drivers denie to go JNU after violence
जेएनयू में प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : PTI

जेएनयू कैंपस में रविवार शाम हुई हिंसा के बाद कैब व ऑटो चालक वहां जाने और वहां से सवारी लेना तकरीबन बंद कर दिया है। कई छात्रों का कहना है कि कैंपस के हालात के मद्देनजर कैब व ऑटो चालक वहां आने जाने से इंकार कर रहे हैं। इस कारण छात्रों को अन्य स्थानों पर जाने के लिये कैब या ऑटो तक जाने के लिय काफी पैदल चलना पड़ रहा है।

विज्ञापन


छात्रा देबोमिता चैटर्जी ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ प्रदर्शन के लिये मंडी हाउस जाना चाहती थी लेकिन कैब चालक ने कैंपस में आने से इंकार कर दिया। कैब चालक ने उन्हें अरुणा आसफ अली रोड के टी-प्वाइंट पर आने के लिये कहा। कैब लेने के लिये इन छात्राओं को वहां तक पैदल जाना पड़ा। कैंपस के नॉर्थ गेट से आगे सड़क के दोनों ओर पुलिस बेरीकेडिंग से भी छात्रों को काफी पैदल चलना पड़ रहा है।
विज्ञापन


वहीं कई छात्रों का कहना है कि जेएनयू कैंपस की जानकारी मिलने के बाद कई कैब चालक राइड कैंसल कर रहे हैं। एक कैब चालक ने बताया कि जेएनयू में हालात ऐसे हैं कि जोखिम नहीं लिया जा सकता क्योंकि कोई भी कैब को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि कैंपस से कुछ दूरी पर कैब यात्रियों को ले जा रही है। ज्यादातर कैब चालकों का कहना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है। हौज खास मेट्रो स्टेशन पर कई ऑटो चालकों ने या तो जेएनयू जाने से साफ मना कर दिया या वहां से चले गये।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक ऑटो चालक सतपाल ने बताया कि वह जोखिम नहीं ले सकता क्योंकि वहां हालात खराब हैं। वह गरीब है और ऑटो ही उसकी जीविका का साधन है। वहां के हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं, कौन जानता था कि रविवार इतना भयानक हो सकता था। वहीं दूसरे ऑटो चालक दलजीत सिंह ने कहा कि वह यात्रियों को जेएनयू मेन गेट या फिर पुलिस बेरीकेड तक लेकर जा रहा है। जब हिंसा हुई तब मेरा भाई कैंपस में था और वहां घिर गया था। इसके बाद भी सवारियों को वहां लेकर जा रहा हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed