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दिल्ली की दीवारों से अभी भी नहीं मिटाए सीएए-एनआरसी के विरोध संदेश
Mon, 02 Mar 2020 06:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 02 Mar 2020 06:38 AM IST
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विरोध के संदेश
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर पूर्वी दिल्ली में उपद्रव तकरीबन शांत हो गया है, लेकिन बर्बादी के मंजर का गवाह बन चुके ब्रजपुरी, शिव विहार, करावल नगर सहित आसपास के इलाकों की दीवारों पर सीएए-एनआरसी के विरोध के संदेश अभी भी लिखे हैं।
हैरानी की बात है कि सैकड़ों जगहों पर रंगी दीवारें ही नहीं पुलिस बेरिकेड्स पर भी विरोध की तस्वीर साफ तौर पर देखी जा सकती है। हालात सामान्य होने पर स्थानीय निकायों की तरफ से मलबा हटाने की शुरुआत तो कर दी गई लेकिन न तो इन संदेशों को मिटाया गया और न ही किसी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
दीवारों पर एनआरसी, एनपीआर और सीएए के साथ रिजेक्ट के संदेश अभी भी दर्ज हैं। काले और लाल रंग से लिखे संदेश न केवल इस बात का गवाह है कि शाहीन बाग के साथ-साथ उत्तर पूर्वी दिल्ली में भी इन मुद्दों पर विरोध जताने वाले कम नहीं हैं।
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हैरानी की बात है कि सैकड़ों जगहों पर रंगी दीवारें ही नहीं पुलिस बेरिकेड्स पर भी विरोध की तस्वीर साफ तौर पर देखी जा सकती है। हालात सामान्य होने पर स्थानीय निकायों की तरफ से मलबा हटाने की शुरुआत तो कर दी गई लेकिन न तो इन संदेशों को मिटाया गया और न ही किसी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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दीवारों पर एनआरसी, एनपीआर और सीएए के साथ रिजेक्ट के संदेश अभी भी दर्ज हैं। काले और लाल रंग से लिखे संदेश न केवल इस बात का गवाह है कि शाहीन बाग के साथ-साथ उत्तर पूर्वी दिल्ली में भी इन मुद्दों पर विरोध जताने वाले कम नहीं हैं।
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