CAA: 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट दूं तो जिंदगी सफल हो जाए', सीएए कानून पास होने पर बोले पाकिस्तानी सिख
35 साल पहले पाकिस्तान से अपनी जान बचाकर भागे सरदार हरभजन सिंह को अब इस बात की खुशी है कि उन्हें कुछ समय के बाद नागरिकता मिल जाएगी। उनके बच्चों को अब भारतीय कहलाने का गौरव हासिल होगा...
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सरदार हरभजन सिंह की पूरी जिंदगी इस दंश के साथ गुजर गई कि भारत में बतौर प्रवासी 35 साल गुजरने के बाद भी आज तक उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली थी। हर काम के लिए उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था। पढ़ाई-लिखाई से लेकर कहीं आने-जाने के समय उनके पास कोई दस्तावेज नहीं होते थे, जिससे कदम-कदम पर परेशानियों का सामना करना पड़ता था। वे भारत में होकर भी पूरी दुनिया में कहीं के नहीं थे। सिख होने के कारण पाकिस्तान उन्हें अपना नहीं मानता था, तो भारत के वे नागरिक नहीं बने थे।
35 साल पहले पाकिस्तान से अपनी जान बचाकर भागे सरदार हरभजन सिंह को अब इस बात की खुशी है कि उन्हें कुछ समय के बाद नागरिकता मिल जाएगी। उनके बच्चों को अब भारतीय कहलाने का गौरव हासिल होगा। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए वोट करने का अवसर मिल जाए, तो उनका जन्म सफल हो जाए। यह अनुभव केवल उनका नहीं है, बल्कि हरिनगर, त्रिनगर और अन्य जगहों पर रहने वाले लगभग 35 हजार शरणार्थियों का है। उन्होंने कहा कि इनमें वही लोग शामिल हैं जो केवल अपना धर्म बचाने के लिए और धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भागकर हिंदुस्तान पहुंचे थे।
भाजपा अध्यक्ष के साथ मनाई होली, फोड़े पटाखे
नागरिकता मिलने की राह आसान होती देख पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख और जैन लोगों में जबरदस्त खुशी देखी गई। मंगलवार को ऐसे लोगों का एक दल दिल्ली भाजपा कार्यालय पहुंचा और अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ इन लोगों ने होली मनाई। शरणार्थियों ने एक पत्र भी वीरेंद्र सचदेवा को सौंपा, जिसमें उन्होंने अपनी भावनाओं को बताते हुए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया था।
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि उनका परिवार स्वयं पाकिस्तान से आया था, इसलिए वे इन लोगों का दर्द महसूस करते हैं। वे इस अवसर पर भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक सके। उन्होंने कहा कि इन सभी शरणार्थियों को अब भारतीय कहलाने का गौरव मिलेगा। दिल्ली भाजपा मीडिया सेल के इंचार्ज प्रवीण शंकर कपूर और विक्रम मित्तल ने कहा कि भारत सरकार ने आज से शरणार्थियों को भारतीय नागरिक का दर्जा दे दिया है, अब यह घरवाले हैं। उनका इस धरती पर पूरा सम्मान और अधिकार के साथ स्वागत है।