व्यापारी की मौत के विरोध में नेशनल हाईवे जाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्यापारी की रहस्यमय मौत से गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे को दो घंटे तक जाम रखा। व्यापारी के परिजन शव के साथ ही सड़क पर बैठ गए और पुलिस कमीश्नर को बुलाने की मांग पर अड़ गए।
सूत्रों के मुताबिक 18 अगस्त को इस व्यापारी का अपहरण कर लिया गया था। आज सुबह उसकी लाश छांयसा इलाके में एक नहर के पास से बरामद की गई।
शव को देखते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शव के साथ ही नेशनल हाइवे नंबर दो पर जाम लगा दिया। परिजनों की मांग की कि जब तक पुलिस कमीश्नर खुद आकर इस मामले के जांच का आश्वासन नहीं देते वह सड़क से नहीं हटेंगे।
जब पुलिस ने इन्हें हटाने की कोशिश की तो लोग बिफर पड़े। गुस्साई भीड़ ने ट्रेफिक पुलिस के बुथ पर भी तोड़-फोड़ की।
राणा प्रताप आहूजा नामक इस व्यापारी का जन्माष्टमी के दिन अपहरण हो गया था। तब से ही पुलिस इसकी तलाश्ा में लगी हुई थी। गुरुवार को छांयसा इलाके में नहर के पास एक लाश पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली।
पुलिस कमीश्नर को बुलाने की मांग
मौके का मुआयना करने पर पुलिस को पता चला कि यह उसी व्यापारी का शव है जिसका अपहरण कर लिया गया था। जल्द ही व्यापारी के परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
इससे पहले कि पुलिस कोई कार्यवाई करती, परिजन शव सहित अजरौंदा चौक पर पहुंच गए और रास्ता जाम कर दिया। परिजनों की मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए।
जल्द ही इलाके के और लोग भी वहां जमा हो गए। गुस्साए लोगों ने मांग की कि जब तक खुद पुलिस कमीश्नर आकर इस मामले की जांच का आश्वासन नहीं देते न तो वह सड़क से हटेंगे न ही शव को हटाने देंगे।
परिजनों ने की सीबीआई जांच की मांग
लोगों के विरोध को देखते हुए पांच बजे के करीब पुलिस कमीश्नर मौके पर पहुंचे और उनके आश्वासन के बाद शव को पुलिस के हवाले किया गया।
कमीश्नर ने कहा कि शव के पोस्ट मार्टम के बाद ही मौत के असली कारण का पता लगाया जा सकता है। हालांकि परिजनों ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
लोगों के भड़कने की वजह पुलिस के रवैये को माना जा रहा है। व्यापारी के गायब होने की सूचना को गंभीरता से न लेने की वजह से लोग भड़के।
सूत्र के मुताबिक शव की हालत बेहद खराब थी जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसकी मौत काफी पहले हो चुकी थी। शक के मजबूत होने का एक कारण यह भी है कि शव के शरीर से भार को बांधकर नदी में बहाया गया था। इस कारण शव के नहर की सतह पर आने में वक्त लगा।