फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   burari 11 deaths mystery: third son dinesh files police complaint deny suicide all updates

बुराड़ी: भाटिया परिवार के तीसरे बेटे ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत, क्राइम ब्रांच कर रही पूछताछ

Tue, 03 Jul 2018 03:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 03 Jul 2018 03:21 PM IST
विज्ञापन
burari 11 deaths mystery: third son dinesh files police complaint deny suicide all updates
- फोटो : ani
दिल्ली के बुराड़ी में एक घर में 11 मौतों का रहस्य समय बीतने के साथ गहराता जा रहा है। भले ही पुलिस इसे सुसाइड मान रही है लेकिन भाटिया परिवार के सदस्य इसे परिवार के खिलाफ कोई बड़ा षड्यंत्र मान रहे हैं। परिवार में इकलौते बचे बेटे दिनेश भाटिया जो राजस्थान में रहते हैं और परिवार की बेटी सुजाता दोनों ही इसे सुसाइड मानने से इनकार कर रहे हैं।
विज्ञापन


यही वजह है कि मंगलवार को दिनेश ने पुलिस में मामला दर्ज कर इस केस की अन्य एंगल से जांच करने की अपील की है। दिनेश ने बताया कि मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है क्योंकि मेरा मानना है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं है। मुझे मीडिया की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है।
विज्ञापन


दिनेश ने बताया कि मेरा परिवार कभी भी किसी बाबा के संपर्क में नहीं था। जब दिनेश से दीवार में लगे पाइप के बारे में पूछा गया तो वो बोले कि हो सकता है कि हवा आने-जाने के लिए लगाया गया हो। सिर्फ दिनेश ही नहीं उनकी बहन सुजाता भी ऐसा ही कुछ कहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



सुजाता का कहना है कि उनका परिवार धार्मिक था। लेकिन उनका परिवार किसी तरह के तांत्रिक क्रिया में लिप्त नहीं था जैसा कि मीडिया रिपोर्ट्स में खुलासा हो रहा है। इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र है।

वो आगे कहती हैं कि दीवार पर लगी पाइप के बारे में उनका कहना था कि उसे सोलर प्रोजेक्ट और हवा के आने-जाने के लिए लगाया गया था। मेरा परिवार इस तरह की आत्महत्या नहीं कर सकता। सभी बहुत मजबूत थे और आत्महत्या जैसी चीज नहीं मानते थे।

नोट में लिखे हैं बड़ तपस्या के नियम

burari 11 deaths mystery: third son dinesh files police complaint deny suicide all updates
मौके पर जमा लोग - फोटो : अमर उजाला
बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से साफ हो गया कि सभी की मौत फंदे से लटककर हुई। पुलिस की जांच में एक नया खुलासा हुआ है कि ललित दिमागी रूप से कमजोर था और बड़ पूजा (अनुष्ठान) के बहाने उसने पत्नी के साथ मिलकर सभी की जान ली। सभी को पूजा करने के बहाने फांसी पर लटकाया गया था।

रजिस्टर में इसी तरह की बातें लिखी हुई हैं। हालांकि ललित की बहन सुजाता का कहना है कि सभी की हत्या हुई है। 
अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ललित के पिता की करीब 12 वर्ष पहले मौत हो गई थी। मनोरोगी बन चुका ललित दावा करता था कि पिता की आत्मा उसके शरीर में प्रवेश कर जो कहती है, वह उन बातों को रजिस्टर में लिखता है। ललित वर्ष 2015 से रजिस्टर में लिख रहा था। ललित ने रजिस्टर में लिखा कि पिता की आत्मा ने ही उसे बड़ पूजा के लिए बोला था।

पूजा वाले दिन ललित ने सभी को बोला था कि घर में 10 से 15 मिनट की बड़ पूजा (अनुष्ठान) होगी। इस पूजा के तहत सभी के हाथ बांधेंगे और गले में चुन्नियां लटकेंगी। सभी के नीचे स्टूल होगा। ललित ने सभी को बोला था कि वे 10-15 मिनट बाद पूजा खत्म होने के बाद स्टूल हटा सकते हैं और हाथों को खोल सकते हैं। पुलिस अधिकारी मान रहे है कि ललित ने पत्नी के साथ मिलकर सभी के नीचे से स्टूल हटा दिए। नौ चुन्नियां नई मंगाई गई थीं।

ललित ने सभी को बताया था कि पूजा में किसको कहां और कैसे खड़ा होना है और गले में चुन्नी डालनी है। पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि ललित ने स्टूल हटाने के बाद पत्नी व मां के साथ खुदकुशी कर ली। ललित पहले बोल नहीं पाता था। उसका तीन साल इलाज चला, अब वह ठीक से बोलने लगा था। इसके बाद से ही ललित की बातों पर परिजनों का भरोसा बढ़ गया। 

नोट में लिखे हैं बड़ तपस्या के नियम
बड़ तपस्या के अनुसार, लोगों को वटवृक्ष की शक्ल में आना पड़ता है जिनकी शाखाएं लटकती रहती हैं। ऐसा करने से भगवान खुश होते हैं। इस दौरान घर में भोजन नहीं बनना चाहिए और छह घंटे तक अनुष्ठान करने के दौरान फोन को साइलेंट रखना चाहिए। घर के मंदिर में मिले दो रजिस्टरों में निर्वाण, वट तपस्या, शून्य जैसे शब्दों का जिक्र है।
नोट के मुताबिक, यदि कोई इन नियमों का पालन करेगा, उसकी सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी और भगवान उनकी मदद करेंगे। रजिस्टर में सबसे पहली बार अगस्त 2015 में और आखिरी बार 30 जून को बातें लिखी गई हैं। बड़ पूजा के लिए चार दिन मंगलवार, बृहस्पतिवार, शनिवार व रविवार तय किए गए थे। ललित ने सभी के मोबाइल फोन साइलेंट करवाए थे और पन्नी में लपेटकर कमरे में रख दिए थे। 
 

एक बाबा के संपर्क में था परिवार, तलाश तेज

burari 11 deaths mystery: third son dinesh files police complaint deny suicide all updates
11 deadbody - फोटो : अमर उजाला
एक बाबा के संपर्क में था परिवार, तलाश तेज
कॉल डिटेल के आधार पर परिवार का एक बाबा से लगातार संपर्क में रहने का पता चला है। पुलिस उस बाबा की तलाश कर रही है। हालांकि अधिकारिक रूप से पुलिस ने किसी भी बाबा के संपर्क में होने की बात की पुष्टि नहीं की है।

तो भगवान के दर्शन होंगे और वे हम सबको बचा लेंगे..
‘जब हम फंदे पर लटकेंगे तो भगवान के दर्शन होंगे और भगवान हम सबको बचा लेंगे...।’ अब तक की पुलिस की जांच की मानें तो कुछ इसी अंधविश्वास ने पूरे भाटिया परिवार को मौत के मुंह में धकेल दिया। पुलिस के मुताबिक, भाटिया परिवार के घर में बने छोटे से मंदिर के अंदर मिले रजिस्टर में ये बातें लिखी हुई मिलीं।

11 पाइप व 11 पत्तियों का रहस्य
बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत का रहस्य तांत्रिक क्रिया की ओर इशारा करता है। पड़ोसियों को घर की दीवार पर लगे 11 पाइप और 11 पत्तियां देखकर अजीब लगा था। इनमें चार पाइप बिल्कुल सीधे थे, जबकि सात पाइप टेढ़े लगाए गए हैं। मरने वालों में चार पुरुष और सात महिलाएं हैं। पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि इन पाइपों का कोई मौत कनेक्शन तो नहीं है। घर के मुख्य दरवाजे पर लोहे की 11 पत्तियां लगाई गई हैं। 

बहन का खुदकुशी मानने से इनकार 
संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया है कि सभी लोगों की मौत फंदे पर लटकने के कारण हुई। इसमें किसी बाहरी शख्स का हाथ नहीं लगता। भुवनेश व ललित की बहन सुजाता ने कहा कि अंधविश्वास के कारण मौत वाली पुलिस की थ्योरी सरासर गलत है। घर से कोई ऐसा रजिस्टर नहीं मिला, जिसमें खुदकुशी करने की बातें लिखीं हों। इस घटना के पीछे जरूर कोई गड़बड़ है। 

ललित ने रजिस्टर के नोट में लिखा था..

burari 11 deaths mystery: third son dinesh files police complaint deny suicide all updates
11 deadbody
ललित ने रजिस्टर के नोट में लिखा था..
अंतिम समय में
आखिरी इच्छा की पूर्ति के वक्त
आसमान हिलेगा,
धरती कांपेगी।
उस वक्त तुम घबराना मत।
मंत्रों का जाप बढ़ा देना
 मैं आकर तुम्हें उतार लूंगा
औरों को भी उतारने में मदद करूंगा।

ललित का जीवन इतिहास खंगाल रही क्राइम ब्रांच
क्राइम ब्रांच अब ललित के पूरे जीवन का इतिहास खंगाल रही है कि क्या ललित ही अपने पिता का सबसे लाडला बेटा था, कब से उसके अंदर ये ख्याल या यह भावना आना शुरू हुई कि पिता उसके पास आते हैं या उसको देखते हैं आदि। क्राइम ब्रांच का जांच का दायरा परिवार पर आकर टिक रहा है। क्राइम ब्रांच जरूरत पड़ने पर मनोचिकित्सक की मदद ले सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed