बुराड़ी: भाटिया परिवार के तीसरे बेटे ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत, क्राइम ब्रांच कर रही पूछताछ
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यही वजह है कि मंगलवार को दिनेश ने पुलिस में मामला दर्ज कर इस केस की अन्य एंगल से जांच करने की अपील की है। दिनेश ने बताया कि मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है क्योंकि मेरा मानना है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं है। मुझे मीडिया की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है।
दिनेश ने बताया कि मेरा परिवार कभी भी किसी बाबा के संपर्क में नहीं था। जब दिनेश से दीवार में लगे पाइप के बारे में पूछा गया तो वो बोले कि हो सकता है कि हवा आने-जाने के लिए लगाया गया हो। सिर्फ दिनेश ही नहीं उनकी बहन सुजाता भी ऐसा ही कुछ कहती हैं।
Filed police complaint because this isn't a suicide case. I don't believe in media reports.They had never been in contact with any 'baba'.Pipes in the wall might have been for ventilation: Dinesh,member of the family,11 members of which were found dead in Delhi's Burari on July 1 pic.twitter.com/EKKxwZfpJX
— ANI (@ANI) July 3, 2018
सुजाता का कहना है कि उनका परिवार धार्मिक था। लेकिन उनका परिवार किसी तरह के तांत्रिक क्रिया में लिप्त नहीं था जैसा कि मीडिया रिपोर्ट्स में खुलासा हो रहा है। इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र है।
वो आगे कहती हैं कि दीवार पर लगी पाइप के बारे में उनका कहना था कि उसे सोलर प्रोजेक्ट और हवा के आने-जाने के लिए लगाया गया था। मेरा परिवार इस तरह की आत्महत्या नहीं कर सकता। सभी बहुत मजबूत थे और आत्महत्या जैसी चीज नहीं मानते थे।
The family was religious. They were not involved in occult practices unlike media reports suggest.There is a conspiracy.The pipes were brought for a solar project & ventilation purpose: Sujata, relative of family,the 11 members of which were found dead in Delhi's Burari on Sunday pic.twitter.com/E40F4NTWD3
— ANI (@ANI) July 3, 2018
नोट में लिखे हैं बड़ तपस्या के नियम
रजिस्टर में इसी तरह की बातें लिखी हुई हैं। हालांकि ललित की बहन सुजाता का कहना है कि सभी की हत्या हुई है।
अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ललित के पिता की करीब 12 वर्ष पहले मौत हो गई थी। मनोरोगी बन चुका ललित दावा करता था कि पिता की आत्मा उसके शरीर में प्रवेश कर जो कहती है, वह उन बातों को रजिस्टर में लिखता है। ललित वर्ष 2015 से रजिस्टर में लिख रहा था। ललित ने रजिस्टर में लिखा कि पिता की आत्मा ने ही उसे बड़ पूजा के लिए बोला था।
पूजा वाले दिन ललित ने सभी को बोला था कि घर में 10 से 15 मिनट की बड़ पूजा (अनुष्ठान) होगी। इस पूजा के तहत सभी के हाथ बांधेंगे और गले में चुन्नियां लटकेंगी। सभी के नीचे स्टूल होगा। ललित ने सभी को बोला था कि वे 10-15 मिनट बाद पूजा खत्म होने के बाद स्टूल हटा सकते हैं और हाथों को खोल सकते हैं। पुलिस अधिकारी मान रहे है कि ललित ने पत्नी के साथ मिलकर सभी के नीचे से स्टूल हटा दिए। नौ चुन्नियां नई मंगाई गई थीं।
ललित ने सभी को बताया था कि पूजा में किसको कहां और कैसे खड़ा होना है और गले में चुन्नी डालनी है। पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि ललित ने स्टूल हटाने के बाद पत्नी व मां के साथ खुदकुशी कर ली। ललित पहले बोल नहीं पाता था। उसका तीन साल इलाज चला, अब वह ठीक से बोलने लगा था। इसके बाद से ही ललित की बातों पर परिजनों का भरोसा बढ़ गया।
नोट में लिखे हैं बड़ तपस्या के नियम
बड़ तपस्या के अनुसार, लोगों को वटवृक्ष की शक्ल में आना पड़ता है जिनकी शाखाएं लटकती रहती हैं। ऐसा करने से भगवान खुश होते हैं। इस दौरान घर में भोजन नहीं बनना चाहिए और छह घंटे तक अनुष्ठान करने के दौरान फोन को साइलेंट रखना चाहिए। घर के मंदिर में मिले दो रजिस्टरों में निर्वाण, वट तपस्या, शून्य जैसे शब्दों का जिक्र है।
नोट के मुताबिक, यदि कोई इन नियमों का पालन करेगा, उसकी सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी और भगवान उनकी मदद करेंगे। रजिस्टर में सबसे पहली बार अगस्त 2015 में और आखिरी बार 30 जून को बातें लिखी गई हैं। बड़ पूजा के लिए चार दिन मंगलवार, बृहस्पतिवार, शनिवार व रविवार तय किए गए थे। ललित ने सभी के मोबाइल फोन साइलेंट करवाए थे और पन्नी में लपेटकर कमरे में रख दिए थे।
एक बाबा के संपर्क में था परिवार, तलाश तेज
कॉल डिटेल के आधार पर परिवार का एक बाबा से लगातार संपर्क में रहने का पता चला है। पुलिस उस बाबा की तलाश कर रही है। हालांकि अधिकारिक रूप से पुलिस ने किसी भी बाबा के संपर्क में होने की बात की पुष्टि नहीं की है।
तो भगवान के दर्शन होंगे और वे हम सबको बचा लेंगे..
‘जब हम फंदे पर लटकेंगे तो भगवान के दर्शन होंगे और भगवान हम सबको बचा लेंगे...।’ अब तक की पुलिस की जांच की मानें तो कुछ इसी अंधविश्वास ने पूरे भाटिया परिवार को मौत के मुंह में धकेल दिया। पुलिस के मुताबिक, भाटिया परिवार के घर में बने छोटे से मंदिर के अंदर मिले रजिस्टर में ये बातें लिखी हुई मिलीं।
11 पाइप व 11 पत्तियों का रहस्य
बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत का रहस्य तांत्रिक क्रिया की ओर इशारा करता है। पड़ोसियों को घर की दीवार पर लगे 11 पाइप और 11 पत्तियां देखकर अजीब लगा था। इनमें चार पाइप बिल्कुल सीधे थे, जबकि सात पाइप टेढ़े लगाए गए हैं। मरने वालों में चार पुरुष और सात महिलाएं हैं। पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि इन पाइपों का कोई मौत कनेक्शन तो नहीं है। घर के मुख्य दरवाजे पर लोहे की 11 पत्तियां लगाई गई हैं।
बहन का खुदकुशी मानने से इनकार
संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया है कि सभी लोगों की मौत फंदे पर लटकने के कारण हुई। इसमें किसी बाहरी शख्स का हाथ नहीं लगता। भुवनेश व ललित की बहन सुजाता ने कहा कि अंधविश्वास के कारण मौत वाली पुलिस की थ्योरी सरासर गलत है। घर से कोई ऐसा रजिस्टर नहीं मिला, जिसमें खुदकुशी करने की बातें लिखीं हों। इस घटना के पीछे जरूर कोई गड़बड़ है।
ललित ने रजिस्टर के नोट में लिखा था..
अंतिम समय में
आखिरी इच्छा की पूर्ति के वक्त
आसमान हिलेगा,
धरती कांपेगी।
उस वक्त तुम घबराना मत।
मंत्रों का जाप बढ़ा देना
मैं आकर तुम्हें उतार लूंगा
औरों को भी उतारने में मदद करूंगा।
ललित का जीवन इतिहास खंगाल रही क्राइम ब्रांच
क्राइम ब्रांच अब ललित के पूरे जीवन का इतिहास खंगाल रही है कि क्या ललित ही अपने पिता का सबसे लाडला बेटा था, कब से उसके अंदर ये ख्याल या यह भावना आना शुरू हुई कि पिता उसके पास आते हैं या उसको देखते हैं आदि। क्राइम ब्रांच का जांच का दायरा परिवार पर आकर टिक रहा है। क्राइम ब्रांच जरूरत पड़ने पर मनोचिकित्सक की मदद ले सकती है।