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Delhi: शालीमार बाग में अतिक्रमण पर चला पीला पंजा, सड़क चौड़ीकरण के लिए 157 अवैध मकान किए जा रहे ध्वस्त
Sun, 31 May 2026 10:59 AM IST
Vijay Singh Pundir
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Sun, 31 May 2026 10:59 AM IST
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शालीमार बाग में चला बुलडोजर
- फोटो : ANI
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शालीमार बाग में भारी सुरक्षा तैनाती और दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के साथ अतिक्रमण विरोधी तोड़-फोड़ की कार्रवाई चल रही है। डीसीपी, एसीपी और कई जिलों के सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। सड़क के चौड़ीकरण के लिए लगभग 157 निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की गई। नोटिस अवधि खत्म होने के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई है।
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मध्य उत्तर दिल्ली के डीएम शैलेंद्र सिंह ने बताया, '1980 में ये भूमि अधिग्रहित हुई थी और यहां पर जो लोग रह रहे थे उन्हें इसका मुआवजा दिया गया था। उसके बाद से अब तक कई बार प्रयास किए गए। उसी अगली कार्रवाई के तहत यहां पर रह रहे लोगों को हमने नोटिस जारी किया था। उस नोटिस के खिलाफ यहां के लोग हाई कोर्ट गए थे। हाई कोर्ट के आदेश के तहत हमने यहां रह रहे सभी लोगों से दावे और आपत्तियाँ मांगी। लगभग 157 लोगों ने हमें अपनी-अपनी एप्लीकेशन दी। उसके आधार पर हमने सुनवाई की और सुनवाई के बाद 157 आदेश पारित किए गए। यहां पर रह रहे लोगों में से किसी का भी रिकॉर्डेड ऑनर में नाम नहीं है। सभी लोग अनधिकृत तौर पर यहां बैठे थे। सभी को नोटिस दिया गया, सुनवाई की गई।
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डीएम ने बताया, 'हाई कोर्ट ने हमारे पक्ष में अपना फैसला सुनाया और 30 मई, लगभग 7 हफ्ते का समय दिया गया था कि आप अपना सामना हटा लें।जिसके बाद ये लोग सुप्रीम कोर्ट गए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी इनकी दलील को बर्खास्त किया। मास्टरप्लान में ये सड़क 30 मीटर चौड़ी है। दोनों तरफ ये सड़क चौड़ी है लेकिन बीच में ये रास्ता संकरा हो जाता है जिस वजह से गंभीर समय में समस्या होती है, मानसून में जलभराव की समस्या होती है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हमने लोगों को समझाने का प्रयास किया था कि समाज के विकास के क्रम में आगे आएं। ये कार्रवाई तो बहुत पहले हो जानी चाहिए थी लेकिन नहीं हो पाई थी इसलिए आज हम इस कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं।'
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