बुलंदशहर हिंसा: आरोपी फौजी गिरफ्तार, 14 दिन की हिरासत में भेजा गया
स्याना बवाल के आरोपी जीतू को न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस दौरान पुलिस और एसआईटी की ओर से पुलिस कस्टडी के लिए कोई अर्जी दाखिल नहीं की गई है। सोमवार को जीतू के अधिवक्ता न्यायालय में उसकी जमानत की अर्जी दाखिल करेंगे।
बता दें कि बीते तीन दिसंबर को स्याना में हुए बवाल के बाद पुलिस ने जीतू को भी बलवे, हत्या, हत्या की कोशिश आदि धाराओं में नामजद आरोपी बनाया था। घटना वाले दिन ही जीतू फौजी श्रीनगर स्थित अपनी कंपनी में शामिल होने के लिए निकल गया था। चार दिसंबर को उसने अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी।
इसके बाद पुलिस को लगातार जानकारी मिल रही थी कि जीतू उर्फ फौजी के द्वारा फायरिंग की गई है। एसआईटी और पुलिस ने बीते दिनों सेना के अफसरों से संपर्क कर जीतू की गिरफ्तारी को कहा था।
शनिवार देर रात जीतू को सेना के अफसरों ने मेरठ लाकर एसआईटी के हवाले कर दिया था। जिसके बाद उसे रविवार सुबह बुलंदशहर लाया गया। शाम को न्यायाधीश ने पुलिस का पक्ष सुना और आरोपी से पूछताछ के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
करीब ढाई घंटे न्यायालय परिसर में रहा जीतू
जिला अस्पताल से मेडिकल कराने के बाद पुलिस जीतू को जिला न्यायालय लेकर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पहुंच गई थी। जहां शाम करीब सवा पांच बजे मजिस्ट्रेट के सामने जीतू को पेश किया गया। शाम करीब छह बजे आदेश की कॉपी मिलने के बाद पुलिस जीतू को न्यायालय से सीधे जिला कारागार लेकर रवाना हो गई थी।
पुलिस-एसआईटी ने नहीं मांगी कस्टडी रिमांड
न्यायालय परिसर में जीतू को लाए जाने के बाद गहमागहमी का माहौल रहा। इस दौरान माना जा रहा था कि हत्या, हत्या की कोशिश व अन्य बलवे की धाराओं में आरोपी बनाए गए जीतू को पुलिस-एसआईटी की टीम रविवार को ही कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए अर्जी दाखिल करेगी। लेकिन, पुलिस ने अब तक जीतू को कस्टडी रिमांड पर लेने की मांग नहीं की है।
''जीतू को न्यायाधीश ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। पुलिस-एसआईटी की तरफ से अभी कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी दाखिल नहीं की गई है। जीतू की जमानत के लिए हम सोमवार को न्यायालय के समक्ष अर्जी दाखिल करेंगे।'' -संजय शर्मा, अधिवक्ता (जीतू उर्फ फौजी)