बुलंदशहर: मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी की मौत, यह बना कारण
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बुलंदशहर देहात कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे 91 पर 29 जुलाई 2016 की रात मां-बेटी के साथ हुए चर्चित दुष्कर्म-लूट कांड मामले के मुख्य आरोपी सलीम छैमार की रविवार सुबह मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह किडनी की बीमारी से ग्रसित था।
बता दें कि 29 जुलाई 2016 की देर रात नोएडा निवासी एक परिवार शाहजहांपुर स्थित अपने गांव जा रहा था। कार सवार परिवार जब नेशनल हाईवे 91 पर देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव दोस्तपुर के पास पहुंचा तो बदमाशों ने उनकी कार को एक्सल फेंक कर रुकवा लिया। इसके साथ ही करीब आधा दर्जन बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बनाया और कार सहित हाईवे के निकट एक खेत में ले गए।
यहां बदमाशों ने कार सवार मां-बेटी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था और फिर बदमाश सभी परिजनों को बांधकर उनसे नगदी, जेवरात, मोबाइल आदि लूट कर फरार हो गए थे। पुलिस ने मामले में शुरूआती जांच में 31 जुलाई 2016 को तीन आरोपियों को दबोचा था। जिसके बाद पुलिस ने करीब नौ दिन बाद 9 अगस्त 2016 को कन्नौज जनपद के थाना पीरवा क्षेत्र के गांव ईदखारी निवासी सलीम छैमार व उसके दो अन्य साथियों जुबैर व साजिद को गिरफ्तार कर वारदात का राजफाश करने का दंभ भरा था।
सलीम छैमार तभी से अपने दो अन्य साथियों के साथ जिला कारागार में निरुद्ध था। बीते चार-पांच माह से उसकी तबीयत ज्यादा खराब होने लगी थी। चेकअप के दौरान उसकी किडनी से संबंधित बीमारी की जानकारी हुई थी। उसका दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार चल रहा था। बताया गया कि शनिवार को भी वह जिला कारागार पुलिस की देखरेख में दिल्ली अस्पताल चेकअप के लिए गया था।
सोमवार को उसे वापस दिल्ली अस्पताल जाना था। इसलिए शनिवार देर शाम को वह वापस जिला कारागार लौट आया था। रविवार सुबह अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई थी। जिसके बाद उसे कारागार अस्पताल से जिला अस्पताल भेजा गया। लेकिन, रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया था। जिसके बाद पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक सलीम के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
जेल अधीक्षक ओपी कटियार ने बताया कि सलीम बीते कुछ माह से किडनी की बीमारी से ग्रसित था। उसका दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार चल रहा था। शनिवार को भी वह दिल्ली गया था, जहां से देर शाम लौटा था। रविवार सुबह करीब नौ बजे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।