बुलंदशहर: छापे में बरामद हुए करोड़ों के बिजली उपकरण
- ऊर्जा निगम के एमडी के निर्देश पर तीन एक्सईएन ने खुर्जा क्षेत्र में मारा छापा
- अधिकतर बिजली उपकरण के कागजात नहीं दिखा पाया गोदाम मालिक
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एमडी मेरठ के निर्देश पर तीन एक्सईएन की टीम ने खुर्जा के एक स्क्रैप व्यापारी के गोदामों पर छापे की कार्रवाई की। जहां से उन्होंने करोड़ों रुपये के बिजली के उपकरण बरामद किए। व्यापारी अधिकतर बिजली उपकरण के कागजात नहीं दिखा पाया। ऊर्जा निगम की टीम ने उसके गोदाम को सीज कर दिया है और उपकरणों की गिनती की जा रही है। अफसरों के अनुसार अभी कागज और माल की जांच चल रही है। दोषी होने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
खुर्जा निवासी एक व्यक्ति ने एमडी को शिकायत की थी कि खुर्जा के ही एक स्क्रैप व्यापारी के गोदामों में बिजली के उपकरण भरे पड़े हैं, जो बिजली के ठेकेदार या अफसरों से खरीदे हुए हैं। जिस पर एमडी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए तीन एक्सईएन की टीम को छापा मारकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिसमें एक्सईएन रेड धीरेंद्र कुमार, एक्सईएन एसपी टोंक, एक्सईएन गौरव कुमार और जेई जोगेंद्र सिंह रहे। शिकायत पर की गई कार्रवाई में दो गोदाम तो अन्य सामान से भरे थे, लेकिन सुभाष रोड स्थित एक गोदाम में बिजली के उपकरण मिले।
जिसमें इंसुलेटेड कंडक्टर, टी-पाइंट, तार, बाक्स, अर्थ ट्रेपिंग, क्रास फर्म यानी लाइन खींचने का सारा सामान उपस्थित था। सूत्रों की मानें तो करोड़ों रुपये का सामान गोदाम में भरा हुआ था। आरोप है कि जब टीम ने स्क्रैप व्यापारी से उन सामान के कागज मांगे तो वह कुछ ही सामान के कागज दिखा पाया। जिसको लेकर अफसरों की टीम संतुष्ट नही हो पाई और सामान की अपने सामने ही गिनती करनी शुरू कर दी। बिजली सूत्रों की माने तो गोदाम को सीज कर दिया गया है।
दिल्ली से खरीदता है सामान
बताया जा रहा है कि गोदाम मालिक स्क्रैप व्यापारी दिल्ली से बिजली के उपकरण का सामान खरीदता है। लेकिन अब सवाल यह है कि स्क्रैप व्यापारी दिल्ली से पुराना सामान खरीदता है तो उसके गोदाम पर बिजली उपकरण बहुत से नए क्यों मिले। इससे मामला संदिग्ध बन गया।
कई अधिकारी और ठेकेदार आ सकते हैं निशाने पर
बिजली उपकरण सिर्फ ऊर्जा निगम के गोदामों पर ही रखा जा सकता है। लेकिन अगर स्क्रैप व्यापारी के गोदाम पर नए उपकरण मिले हैं तो इसमें कई अफसरों और ठेकेदार की संलिप्ता से इंकार नहीं किया जा सकता है।
निजीकरण रोकने के लिए ऊर्जा मंत्री ने साफ छवि बनाने का दिया था निर्देश
बताया जा रहा है कि गोदाम में मिले बिजली के उपकरण करोड़ों रुपये की लागत के हैं। यह सारा सामान एक दिन में तो नहीं एकत्र किया जा सकता है। जिसको एकत्र करने में समय लगा है। वहीं, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने निजीकरण को इस शर्त पर ही टाला था कि ऊर्जा निगम अपनी साफ छवि बनाए। जिसको लेकर ही आननफानन में एमडी स्तर से छापे मारे गए।
जांच चल रही है जो रात भर चलेगी। कागज और उपकरण को चेक किया जा रहा है। कई उपकरण हैं जिनकी गिनती की जा रही है। यह काम रातभर चलेगा और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। गलत काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-धीरेंद्र कुमार, एक्सईएन रेड