फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   buildings were erected without environmental clearance.

पर्यावरण क्लीयरेंस बिना ही खड़ी हो गईं बिल्डिंगें

Mon, 01 Dec 2014 10:22 PM IST
Updated Mon, 01 Dec 2014 10:22 PM IST
विज्ञापन
buildings were erected without environmental clearance.

शहर में बिना पर्यावरण क्लीयरेंस (ईसी) लिए ही कई बिल्डिंगों का निर्माण हो रहा है। इसके तहत कोर्ट में पहले ही 10 संस्थानों के खिलाफ केस चल रहे हैं। ताजा मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) मथुरा रोड स्थित डव इंफ्रास्ट्रक्चर फेरस के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। आरोप है कि बिल्डर बिना पर्यावरण क्लीयरेंस लिए ही आईटी बिल्डिंग का निर्माण शुरू करा रहा था।

विज्ञापन


पर्यावरण को होने वाली क्षति और लोगों की लापरवाही के खिलाफ पीसीबी ने कमर कस ली है। शहर में कहीं भी निर्माण कार्य शुरू होने और पुराने निर्माणों की जांच की जा रही है कि ईसी है या नहीं। जिनके पास भी ईसी नहीं मिलेगा उन पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन


बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी संजीव बुद्धिराजा ने बताया कि विभाग पर्यावरण से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसे में जहां से भी सूचना मिलती है उनके खिलाफ तुरंत केस दर्ज करा दिया जाता है। मथुरा रोड स्थित एक आईटी बिल्डिंग की जानकारी मिलते ही उसके खिलाफ कार्रवाई कड़ा कदम उठाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है क्लीयरेंस की कहानी

buildings were erected without environmental clearance.

स्टेट अथॉरिटी देती है क्लीयरेंस:
नियमानुसार 20,000 स्क्वायर मीटर से अधिक में किसी प्रोजेक्ट का निर्माण या फिर  1 लाख 50 हजार स्क्वायर मीटर से अधिक एरिया में रेजीडेंशियल निर्माण करने पर पर्यावरण क्लीयरेंस लिया जाता है। ये क्लीयरेंस स्टेट इंवायरमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी की ओर से दिया जाता है।

बिना क्लीयरेंस नहीं करा सकते निर्माण
बिना ईसी निर्माण कार्य नहीं शुरू करा सकते। ईसी देते समय अधिकारी उस जगह के पर्यावरण स्तर को देखते हैं। यह भी जांचा जाता है कि इसके निर्माण से पर्यावरण को नुकसान तो नहीं पहुंच रहा। कड़े नियमों के बावजूद बिल्डर बिना क्लीयरेंस मिले ही निर्माण शुरू करा देते हैं।

इनको लेना पड़ता है क्लीयरेंस
होटल, मॉल, बड़े अस्पताल, रेजीडेंशियल बिल्डिंग

बिना ईसी इन्होंने शुरू किया निर्माण
इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (66,67, 68, 69,70, 71), एशियन अस्पताल, गोल्ड फील्ड शिक्षण संस्थान विलेज छांयसा, एस्कार्ट कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, एसआरएस नेचुरल रिसोर्स लिमिटेड मेवला आदि।

कैसे पहुंचती है पर्यावरण क्षति:
पेड़ कटाई से ग्रीनरी को नुकसान, धूल, सीवरेज (जल एवं वायु प्रदूषण दोनों)
पीसीबी की वेबसाइट पर क्लीयरेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के छह माह के भीतर सर्टिफिकेट मिल जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed