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राहत: लिथियम आयन बैटरी होगी सस्ती... इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा सहारा; केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
Thu, 25 Jul 2024 01:35 PM IST
शाहरुख खान
धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली
धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 25 Jul 2024 01:35 PM IST
सार
Budget 2024-25 Latest News in Hindi: इस बार के बजट में लिथियम आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण खनिज कोबाल्ट और लिथियम से पूरी तरह से सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) हटाने की बात कही गई है। इससे दोपहिया, चारपहिया समेत सभी ई-वाहनों की कीमतों में कमी आएगी।
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Electric Vehicles
- फोटो : istock
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विस्तार
शहरों को प्रदूषण मुक्त करने दिशा में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन इसमें सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि ई-वाहन डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की तुलना में काफी महंगे होते हैं।
अब ई-वाहनों को सस्ता करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस बार के बजट में लिथियम आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण खनिज कोबाल्ट और लिथियम से पूरी तरह से सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) हटाने की बात कही गई है।
इससे दोपहिया, चारपहिया समेत सभी ई-वाहनों की कीमतों में कमी आएगी। दरअसल, प्रमुख रूप से दो तरह की बैटरी बनाई जाती हैं। एक लैड एसिड व दूसरी लिथियम आयन बैटरी। ई-वाहनों में लिथियम आयन बैटरी का ही इस्तेमाल होता है। यह लैड एसिड बैटरी की तुलना में अधिक टिकाऊ होती है।
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साथ ही, सुरक्षा के लिए भी अच्छी होती है। इसे बनाने में प्रमुख रूप से कोबाल्ट और लिथियम को उपयोग किया जाता है। यह दोनों खनिज देश में नहीं पाए जाते हैं। ऐसे में इसे विदेश से मांगना पड़ता है।
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अब ई-वाहनों को सस्ता करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस बार के बजट में लिथियम आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण खनिज कोबाल्ट और लिथियम से पूरी तरह से सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) हटाने की बात कही गई है।
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इससे दोपहिया, चारपहिया समेत सभी ई-वाहनों की कीमतों में कमी आएगी। दरअसल, प्रमुख रूप से दो तरह की बैटरी बनाई जाती हैं। एक लैड एसिड व दूसरी लिथियम आयन बैटरी। ई-वाहनों में लिथियम आयन बैटरी का ही इस्तेमाल होता है। यह लैड एसिड बैटरी की तुलना में अधिक टिकाऊ होती है।
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साथ ही, सुरक्षा के लिए भी अच्छी होती है। इसे बनाने में प्रमुख रूप से कोबाल्ट और लिथियम को उपयोग किया जाता है। यह दोनों खनिज देश में नहीं पाए जाते हैं। ऐसे में इसे विदेश से मांगना पड़ता है।
ई-वाहनों के निर्माताओं का कहना है कि मौजूदा समय में लिथियम आयन को विदेश से मांगने पर 16.5 फीसदी का सीमा शुल्क दिया जाता है। इसके खत्म होने से बैटरी निर्माताओं, ई-वाहन निर्माता और ई-वाहन खरीदार सभी को राहत मिलेगी।
सरकार का यह कदम ई-वाहनों के लिए बहुत अच्छा है। ई-वाहनों में इस्तेमाल होने वाली बैटरी काफी महंगी होती है। इससे बैटरी की कीमतों में कमी आएगी और ई-वाहन सस्ते होंगे जिससे मांग बढ़ेगी। इससे ई-रिक्शा चलाने वाले लोगों को भी फायदा होगा। -राजीव तुली, महासचिव, इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग सोसाइटी