बजट 2017 : घर खरीदने और बेचने को लेकर क्या हैं नये फायदे, पढ़िये
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिससे अपने आशियाना का सपना पूरा हो सके। बुधवार को संसद में पेश हुए जेटली की पोटली से प्रॉपर्टी सेक्टर के लिए कई तोहफा मिला। अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलने से रियल एस्टेट से जुड़े लोग खुश है।
उनका कहना है कि इससे मंदी की मार खत्म होगी। डेवलपर्स का रुझान कम लाभ पर लोगों को घर मुहैया कराने की है। फिर से इस क्षेत्र में तेजी के आसार है। लोगों के लिए घर खरीदना फायदे का सौदा होगा।
साइबर सिटी रियल एस्टेट के मामले में हब हैं। नोटबंदी के बाद यहां बुरा हाल था। रियल एस्टेट डेवलपर्स को कारोबार संभालना मुश्किल हो रहा था। नए खरीददार नहीं मिल रहे थे।
बजट में सरकार ने प्रॉपर्टी से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। घरों के लिए कैपिटल गेन टैक्स घटाया गया है। अब कैपिटल गेन टैक्स की सीमा 3 साल से 2 साल की गई है।
घरों के लिए कारपेट एरिया ज्यादा होगा और अब से बिल्ट अप एरिया को कारपेट एरिया माना जाएगा। जिससे निवेशकों को पहले वाली कीमत में ज्यादा वर्ग फुट जगह अपने खरीदे गए फ्लैट में मिल पाएगी।
सस्ते घरों की स्कीम जारी रहेगी और राष्ट्रीय आवास फंड के लिए ज्यादा पैसा जारी किया जाएगा, जिससे लोगों को अफोर्डेबल हाउस मिल पाएंगे।
बीपीओ और आईटी सेक्टर के साथ साइबर सिटी रियल एस्टेट के लिए जाना जाता है। यहां पर अमिताभ बच्चन, महिमा चौधरी जैसे सुपरस्टार से लेकर क्रिकेटर विराट कोहली, युवराज सिंह समेत राजनेता, बिजनेसमैन, आईएएस व आईपीएस के फ्लैट व बंगले यहां मौजूद हैं।
दिल्ली के नजदीक और तमाम सुविधा होने के कारण लोगों की पहली पसंद होती थी। मगर नोटबंदी के बाद अब क्षेत्र का बुरा हाल था। लोग निवेश नहीं कर रहे थे। अब अफोर्डेबल हाउसिंग हो आधारभूत का दर्जा मिलने से रियल एस्टेट के कारोबारी इस ओर आएंगे। लोग भी सस्ता घर खरीदने के लिए निवेश करेंगे।
अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलने से यह दूसरी जरूरी चीजों में शुमार हो गया है। अब कम मुनाफे वाले प्रोजेक्ट की तरफ फोकस होगा। इसको हार्डकोर रियल एस्टेट से अलग कर दिया गया है। टैक्स स्लैब में थोड़े बदलाव से भी लोगों का रुझान रियल एस्टेट की ओर बढ़ेगा। - प्रदीप अग्रवाल, चेयरमैन, सिग्नेचर ग्लोबल
इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र को फायदा होगा। सभी के लिए घर का सपना पूरा करना आसान होगा। अफोर्डेबल हाउसिंग के कारण रियल एस्टेट सेक्टर की मंदी दूर होगी। बिल्डर पर भी जिम्मेदारी बढ़ेगी और लोगों का विश्वास फिर से लौटेगा। - संजय मल्होत्रा, सीईओ, एम्मार इंडिया