आईएएस रानी नागर के इस्तीफे पर मायावती का खट्टर सरकार से सवाल- महिला सम्मान पर ऐसी चुप्पी क्यों
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आईएएस अधिकारी रानी नागर के इस्तीफे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आज बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर हरियाणा सरकार से सवाल किया है कि आखिर एक महिला अफसर के सम्मान को लेकर राज्य सरकार में चुप्पी क्यों है? इसके साथ ही बसपा ने एलान किया है कि वह आईएएस रानी नागर के साथ है।
मायावती ने बुधवार को ट्वीट कर सवाल किया, ''हरियाणा की महिला आईएएस अफसर रानी नागर को, ’नौकरी के दौरान अपनी जान को खतरे’ के कारण अन्ततः अपनी नौकरी से ही इस्तीफा देकर वापस अपने घर यूपी लौट आना पड़ा है, जो अति-दुःखद व अति-दुर्भाग्यपूर्ण। महिला सुरक्षा व सम्मान के मामले में ऐसी सरकारी उदासीनता व अन्यों की चुप्पी क्यों?"
हरियाणा की महिला आईएएस अफसर रानी नागर को, ’नौकरी के दौरान अपनी जान को खतरा’ के कारण अन्ततः अपनी नौकरी से ही इस्तीफा देकर वापस अपने घर यूपी लौट आना पड़ा है, जो अति-दुःखद व अति-दुर्भाग्यपूर्ण। महिला सुरक्षा व सम्मान के मामले में ऐसी सरकारी उदासीनता व अन्यों की चुप्पी क्यों?
— Mayawati (@Mayawati) May 6, 2020
‘आईएएस रानी नागर के साथ है बसपा’
मायावती से पहले बसपा के दादरी विधानसभा के प्रभारी नरेंद्र भाटी ने मंगलवार को आईएएस रानी नागर के इस्तीफे पर रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि बसपा आईएएस रानी नागर के साथ है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को इस प्रकरण से अवगत कराया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हरियाणा सरकार को ट्वीट कर चेताया था। हरियाणा सरकार से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। वहां की सरकार को आईएएस के इस्तीफे को नामंजूर कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पार्टी हमेशा रानी नागर का साथ देगी। उसके इस्तीफा से यह सिद्ध हो गया है कि भाजपा सरकार महिला विरोधी है।
मंगलवार को तिगांव के पूर्व कांग्रेसी विधायक ने भी लिखा था सीएम खट्टर को पत्र
तिगांव विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेसी विधायक ललित नागर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने और रानी नागर का इस्तीफा नामंजूर करने की मांग की है।
पूर्व विधायक ने मंगलवार को प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि गुर्जर समाज से ताल्लुक रखने वाली इस बेटी ने 15 दिन पहले ही अपने सोशल अकाउंट पर अपने वरिष्ठ अधिकारी पर शोषण जान से मारने की धमकी और अपहरण किए जाने की आशंका जताते हुए इस्तीफा देने तक की बात कही थी।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत की धरती से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत की थी। जब आईएएस बेटी को इंसाफ नहीं मिल रहा तो आम बेटियां कितनी सुरक्षित होंगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी यदि सरकार ने ऐसा नहीं किया तो लॉकडाउन समाप्त होने के बाद गुर्जर समाज सड़कों पर उतरकर आईएएस बेटी को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगा।