'खाने की जंग' लड़ने वाले बीएसएफ जवान का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, 16 को होगी सुनवाई
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भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चित बीएसएफ जवान की वीडियो का मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को पूर्व सैनिक पूरनचंद आर्य ने इस मुद्दे पर जनहित याचिका दायर की है।
याची ने अदालत गृह मंत्रालय व अर्द्धसैनिक बलों से इस मुद्दे पर जवाब-तलब करने की मांग की है। याचिका पर अब 16 जनवरी को सुनवाई होने की संभावना है।
याची ने 9 जनवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हुई बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव के वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया है कि बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को खराब गुणवत्ता का खाना दिया जा रहा है।
वीडियो को अभी तक करीब 10 लाख लोग देख चुके हैं
याची के वकील अभिषेक कुमार चौधरी ने अदालत से गृह मंत्रालय व अर्द्धसैनिक बलों को राशन मुहैया कराने व उनके लिए खाना बनाने की क्या तरीका है इस बारे में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देने का आग्रह किया।
बीएसएफ जवान की फेसबुक पर शेयर की वीडियो को अभी तक करीब 10 लाख लोग देख चुके हैं। वीडियो में तेज बहादुर ने अपने खाने का डिब्बा दिखाते हुए आरोप लगाया है कि उसे दाल के नाम पर हल्दी में उबला पानी दिया जा रहा है।
उन्हें रोटी जली हुई दी जाती है। याची ने अदालत से यह भी आग्रह किया है कि पूरे मामले की जांच करवाने व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए।