कुदरत का कहर: पांच सौ से अधिक ट्रेनों के पहियों पर ब्रेक, लाखों लोगों की यात्रा रद्द, 52,93,938 रुपए की वापसी
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर में लगातार बारिश और खराब मौसम के चलते उत्तर रेलवे के अंबाला, दिल्ली, फिरोजपुर और मुरादाबाद मंडलों पर रेल सेवाएं प्रभावित हो रही है।
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बारिश के कहर ने रेलगाड़ियों की रफ्तार को थाम लिया है। करीब पांच सौ रेलगाड़ी के पहिए रूक गए है तो लाखों यात्री अपनी यात्रा से वंचित हो गए। पिछले दो दिनों में रेलवे स्टेशनों से 52,93,938 रुपए की कुल धन वापसी की गई। करीब इतने ही ऑन लाइन टिकट निरस्त हुए है तो लोकल ट्रेन नहीं चलने से भी रेलवे को नुकसान हो रहा है। भारी वर्षा और जलभराव के कारण उत्तर रेलवे के कई सेक्शन प्रभावित हुए हैं। जिससे यात्रियों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर में लगातार बारिश और खराब मौसम के चलते उत्तर रेलवे के अंबाला, दिल्ली, फिरोजपुर और मुरादाबाद मंडलों पर रेल सेवाएं प्रभावित हो रही है। भारी वर्षा और जलभराव के कारण उत्तर रेलवे के कई सेक्शन प्रभावित हुए हैं। इस वजह से 201 मेल व एक्सप्रेस और 199 पैसेंजर रेलगाड़ियां रद्द की गईं, 92 रेलगाड़ियों की यात्रा गंतव्य से पहले समाप्त की गई और 68 रेलगाड़ियों को अपने निर्धारित गंतव्य स्टेशन से पहले प्रस्थान करना पड़ा। इस वजह से यात्रियों को परेशान भी होना पड़ा। लोग जगह-जगह फंसे हुए है। रेलयात्रियों को सुविधा देने के लिए रेलगाड़ियों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है। गंतव्य से पहले उनकी यात्रा समाप्त की गई/प्रस्थान स्टेशनों को बदलना पड़ा।
रेलवे का दावा है कि इन सबकी सूचना मैसेज के माध्यम से यात्रियों को दी जा रही है। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मार्गदर्शन देने के लिए हेल्प डेस्क खोले गए हैं। निरस्त रेलगाड़ियों के निरस्त, परिवर्तित मार्ग से चलने वाली व गंतव्य से पहले यात्रा समाप्त करने और प्रारंभ करने संबंधी उद्घोषणाएं स्टेशनों पर नियमित रूप से की जा रही हैं। सूचना देने और यात्रियों के टिकटों की धन वापसी के लिए उत्तर रेलवे के विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं।
स्टेशन पर फंसे यात्रियों के लिए खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ाई गई है। प्रभावित यात्रियों को सड़क मार्ग द्वारा उनके गंतव्य स्टेशनों तक ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों की तैनाती कर चौबीसों घंटे नियंत्रण कार्यालयों से स्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार हरियाणा और उत्तराखंड की सरकारी बसों के साथ समन्वय बैठा कर उन्हें उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है। फंसे हुए 481 यात्रियों को कुरुक्षेत्र से चंडीगढ़, शिमला से कालका और हरिद्वार से देहरादून पहुंचाया गया। लगातार निगरानी के लिए अधिकारियों द्वारा मुख्यालय और मंडल नियंत्रण कार्यालयों में कर्मचारियों की तैनाती की गई हैं।
यात्रियों की सहायता के लिए 18 अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं। इनमें नई दिल्ली में 2, पुरानी दिल्ली में 1, आनंद विहार टर्मिनल में 1, हजरत निजामुद्दीन में 1, गाजियाबाद में 1, मेरठ सिटी में 1, अंबाला छावनी में 1, बठिंडा में 1, मुरादाबाद में 2, हापुड़ में 1, रुड़की में 1, देहरादून में 2, हरिद्वार में 2 और लखनऊ में 1 अतिरिक्त काउंटर खोला गया है। इन स्टेशनों से पिछले 2 दिनों में 52,93,938 रुपए की कुल धन वापसी की गई है।