कोयला चुराने पर बच्चे को पिलर से लटकाया
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एक छोटी सी बात के लिए कोई किस तरह एक मासूम बच्चे को कड़ी सजा दे सकता है यह गाजिबाद में सोमवार को सामने आया। जानकारी के अनुसार एक मासूम को कोयले की दुकान में बांधकर इसलिए पीटा क्योंकि उसपर 100 रुपए के कोयले चुराकर बेचने का आरोप है।
उसकी इसी गलती के लिए एक खंभे से बांधकर बुरी तरह पीटा गया। गाजियाबाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह मामला तब सामने आया जब मंगलवार को एक स्थानीय अखबार में बच्चे की हाथ पैर बंधी हुई फोटो छपी। पुलिस का कहना है कि वह बच्चे को ढूंढने का प्रयास कर रही है।
चोरी नहीं की, घरवालों ने ही बांध दिया था उसे!
इस घटना का केवल एक यही पहलू नहीं है। बच्चे के परिजनों ने बताया कि वो शरारत कर रहा था। गुब्बारों में पानी भरकर सड़क पर फेंक रहा था, उसे डराने के लिए परिवारवालों ने ही चंद मिनट के लिए ऐसा किया था।
नगर कोतवाली एसएचओ का कहना है कि पुलिस से इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की गई है। सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। लेकिन पारिवारिक मामला होने के कारण पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
घटना सोमवार शाम की है। लोगों ने देखा कि एक बालक को हाथ-पैर बांधकर पिलर से लटकाया हुआ है। चर्चा फैल गई कि चोरी के शक में बालक को प्रताड़ित किया जा रहा है। परिजनों ने बताया कि मामला चोरी का नहीं है। बालक तीसरी कक्षा का छात्र है।
वह मकान की छत से गुब्बारे फेंक रहा था। उसे समझाया गया, मगर वह नहीं माना तो उसे कुछ देर के लिए पिलर से बांध दिया था। उसने आगे से ऐसी हरकत करने से इनकार किया तो उसे छोड़ दिया गया।
जितने लोग उतनी बातें कह रहे हैं
वहीं एक एनजीओ प्रेरणा सेवा संस्थान के चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट तरुण आचार्य का कहना है कि उनकी एनजीओ ने मौकाए वारदात पर अपना एक जांच दल भेजा था।
इसके साथ ही उन्होंने नेशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स को भी इस बारे में मंगलवार को चिट्ठी लिखी है। आचार्य ने बताया कि उनकी टीम उस कोयले के कारखाने में गए थे, जहां वह बच्चा काम करता था।
उसपर आरोप है कि वह कोयला चुराते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद उसके मालिक ने उसे बांधकर पीटा था। इस दौरान बाकी लोग खड़े ये सारा तमाशा देख रहे थे।
फोटो खींचने वाले फोटोग्राफर से जब बात की गई तो उसने कहा कि वह रास्ते से गुजर रहा था तब उसने बच्चे को बंधे हुए देखा था। आसपास के लोगों से पूछने पर चोरी की बात सामने आई।
जब उसने ज्यादा जानना चाहा तो उसे वहां से निकालकर कोयले की दुकान का शटर बंद कर दिया गया। चूंकि इस मामले में फोटोग्राफ ही एकमात्र पुख्ता साक्ष्य है इसलिए पुलिस फोटोग्राफ की सत्यता की भी जांच कर रही है। कोई भी सच्चाई होने पर पुलिस इस मामले में पूरी कार्रवाई करेगी।