कंपनी के कमरे में मिली थी खून से सनी लाशें नेपाल में है सच!
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जब्बल कंपनी में हुए दोहरे हत्याकांड में तीन दिन बीतने के बावजूद पुलिस हत्यारों का सुराग नहीं लगा सकी है। हत्या का सुराग जुटाने के लिए एक पुलिस टीम नेपाल भेजी गई है।
माना जा रहा है कि हत्यारे नेपाल भाग सकते हैं। यह टीम मृतक मिलिंद और अर्जुन के परिवार वालों से मिलकर जानकारी इकट्ठा करेगी।
मालूम हो कि नेपाल निवासी मिलिंद उर्फ मीन प्रसाद पिछले करीब 15 साल से एनआईटी औद्योगिक क्षेत्र स्थित जब्बल कंपनी में काम करता था।
जहां रहते थे वहीं मिले थे खून से लथपथ शव
मिलिंद कंपनी की ही दूसरी मंजिल पर बने कमरे में रहता था। मंगलवार को मिलिंद और चचेरे भाई अर्जुन के लहूलुहान शव उसके कमरे में पड़े मिले थे।
तब अर्जुन की पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में हिंदुस्तान सिरिंज में काम करने वाले मिलिंद के भाई नंद लाल ने उसकी पहचान की थी।
क्राइ ब्रांच बदरपुर बॉर्डर प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार ने बताया कि इस मामले में पुलिस टीम ने कंपनी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला।
तो इस वजह से जुड़े नेपाल से तार
एक कैमरे की फुटेज में तीन युवक जब्बल कंपनी की तरफ जाते और करीब एक घंटे बाद वापस दिखाई दिए थे। कद काठी से तीनों नेपाली लग रहे थे।
ऐसे में पुलिस को इस हत्याकांड में किसी नेपाली के ही शामिल होने का शक है। आशंका है कि आरोपी वारदात कर नेपाल भाग गए।
ऐसे में उनकी तलाश और मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की एक टीम नेपाल भेजी गई है। टीम के लौटने के बाद मामले को दिशा मिलेगी।