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दिल में छेद होना बन गया वरदान, शरीर में उलटा दौड़ता था खून, दुर्लभ ऑपरेशन कर बचाई जान

Fri, 13 Sep 2019 11:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 13 Sep 2019 11:42 AM IST
सार

  • बच्ची इसलिए जिंदा रही क्योंकि उसके दिल में एक बड़ा छेद था 
  • इस ऑपरेशन को करने में डॉक्टरों को काफी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा
  • एम्स के डॉक्टरों से भी मदद ली गई, जिसके बाद उसकी जान बच गई

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Blood Used to Run in Body in Reverse Saved Life by Doing Rare Operation in Safdarjung Hospital Delhi
सफदरजंग अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में एक दुर्लभ केस सामने आया है। बिहार के पटना निवासी एक लड़की के शरीर में जन्म से ही उलटे तरीके से रक्त प्रवाह हो रहा था। यानी, जिन नसों में शुद्ध रक्त प्रवाह होना चाहिए, उनमें अशुद्ध रक्त शरीर के बाकी अंगों तक पहुंच रहा था। 

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इस स्थिति में मरीज के बचने की बहुत ही कम संभावना होती है। डॉक्टरों के अनुसार, यह बच्ची इसलिए जिंदा रही क्योंकि उसके दिल में एक बड़ा छेद था। इस ऑपरेशन को करने में डॉक्टरों को काफी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। एम्स के डॉक्टरों से भी मदद ली गई, जिसके बाद उसकी जान बच गई।
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अस्पताल के पीडिएट्रिक कॉर्डियोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुभव बताते हैं कि एक सामान्य इंसान के दिल में दो तरह की धमनियां जुड़ी होती हैं। इनमें एक दाएं और दूसरी बाएं होती है। दायीं ओर की आर्टरी से रक्त फेफड़ों तक पहुंचता है, जबकि बायीं ओर से पूरे शरीर में शुद्ध रक्त रक्त प्रवाह होता है। 
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14 वर्षीय रेशमा के शरीर में बायीं से दायीं आर्टरी आपस में जुड़ी थीं, जिस कारण उसके पूरे शरीर में एक जैसा ही खून दौड़ रहा था। इसके चलते संक्रमण फैलने की संभावना ज्यादा रहती है। रेशमा के दिल में बड़ा छेद होने के कारण वह अब तक जीवित रही। इस छेद की वजह से शुद्ध और अशुद्ध रक्त आपस में मिल रहा था। 


डॉक्टरों के लिए ये किसी चमत्कार से भी कम नहीं था। उन्होंने बताया कि इस तरह के केस का जन्म के तीन माह के अंदर ही ऑपरेशन कर दिया जाता है क्योंकि, उम्र अधिक होने के बाद धमनियां अलग नहीं होती हैं और मामला ज्यादा गंभीर हो जाता है।

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