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विकास के एजेंडे को लेकर चुनाव में उतरेगी भाजपा
Thu, 07 Mar 2019 06:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 07 Mar 2019 06:05 AM IST
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चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सपा-बसपा के गठबंधन में रालोद के शामिल होने को भाजपा के लिए चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर पश्चिमी क्षेत्र में जहां की 20 सीटें 2014 के चुनाव में भाजपा को मिली थीं।
इन सीटों पर रालोद का भी अपना जनाधार है। बदले समीकरणों के बीच मोदी आगामी चुनाव में विकास के एजेंडे को आगे रखकर जनता के बीच जाने को तैयार है।
इसी एजेंडे के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूबे को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की सौगात देने जा रहे हैं। एक ही दिन में पीएम वाराणसी, कानपुर और फिर गाजियाबाद में जनसभा कर महत्वपूर्ण योजना की सौगात देंगे।
पीएम आठ मार्च को कानपुर में 75 हजार करोड़ रुपये अधिक की निवेश योजनाओं की सौगात देंगे तो गाजियाबाद में 34.50 हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे। इसमें 30 हजार करोड़ रुपये की दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं शामिल हैं, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।
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अब चुनाव से पहले भूमि पूजन किया जाएगा। वहीं, उससे पहले आठ मार्च की सुबह को वाराणसी में काशी मंदिर के सुंदरीकरण समेत अन्य कार्यों का शुभारंभ करेंगे। इसके पीछे भाजपा की मंशा है कि बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने व पहले से संचालित प्रोजेक्ट की सौगात मिलने पर जनता को उन्हें उपलब्धियों के तौर पर गिनाया जा सके।
यूपी आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से काफी अहम है। 2014 के चुनावों में भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में प्रदेश के बड़ी भूमिका रही। 80 में से 73 सीटें भाजपा ने जीती थी। इस दफा समीकरण अलग हैं। यह कामयाबी दोहराना बड़ी चुनौती है। टीम मोदी के सामने गठबंधन बड़ी चुनौती है तो वहीं कांग्रेस भी दमखम के साथ मैदान में ताल ठोक रही है।
प्रियंका गांधी व ज्योतिरादित्य सिंधिया की युवा टीमों के हाथों में चुनाव की कमान सौंपी गई है। अब विपक्ष की चुनाव रणनीति में भाजपा विकास एजेंडे के साथ सेंधमारी करने की कोशिशों में लगी है। इसलिए एक ही दिन में पूर्व से पश्चिम तक विकास के रास्ते मतदाताओं को साधने की कोशिश की जा रही है।
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इन सीटों पर रालोद का भी अपना जनाधार है। बदले समीकरणों के बीच मोदी आगामी चुनाव में विकास के एजेंडे को आगे रखकर जनता के बीच जाने को तैयार है।
इसी एजेंडे के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूबे को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की सौगात देने जा रहे हैं। एक ही दिन में पीएम वाराणसी, कानपुर और फिर गाजियाबाद में जनसभा कर महत्वपूर्ण योजना की सौगात देंगे।
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पीएम आठ मार्च को कानपुर में 75 हजार करोड़ रुपये अधिक की निवेश योजनाओं की सौगात देंगे तो गाजियाबाद में 34.50 हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे। इसमें 30 हजार करोड़ रुपये की दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं शामिल हैं, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।
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अब चुनाव से पहले भूमि पूजन किया जाएगा। वहीं, उससे पहले आठ मार्च की सुबह को वाराणसी में काशी मंदिर के सुंदरीकरण समेत अन्य कार्यों का शुभारंभ करेंगे। इसके पीछे भाजपा की मंशा है कि बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने व पहले से संचालित प्रोजेक्ट की सौगात मिलने पर जनता को उन्हें उपलब्धियों के तौर पर गिनाया जा सके।
यूपी आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से काफी अहम है। 2014 के चुनावों में भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में प्रदेश के बड़ी भूमिका रही। 80 में से 73 सीटें भाजपा ने जीती थी। इस दफा समीकरण अलग हैं। यह कामयाबी दोहराना बड़ी चुनौती है। टीम मोदी के सामने गठबंधन बड़ी चुनौती है तो वहीं कांग्रेस भी दमखम के साथ मैदान में ताल ठोक रही है।
प्रियंका गांधी व ज्योतिरादित्य सिंधिया की युवा टीमों के हाथों में चुनाव की कमान सौंपी गई है। अब विपक्ष की चुनाव रणनीति में भाजपा विकास एजेंडे के साथ सेंधमारी करने की कोशिशों में लगी है। इसलिए एक ही दिन में पूर्व से पश्चिम तक विकास के रास्ते मतदाताओं को साधने की कोशिश की जा रही है।