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Delhi: भाजपा का दिल्ली सरकार पर आरोप, नई बसें लाने का मिल रहा सिर्फ झूठा आश्वासन, लोग हो जाएंगे बेबस

Sun, 25 Jun 2023 06:28 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 25 Jun 2023 06:28 PM IST
सार

बिधूड़ी ने कहा कि राजधानी में इस समय कम से कम 12 हजार बसों की जरूरत है लेकिन आम आदमी पार्टी की अदूरदर्शिता और लापरवाही का नतीजा है कि पिछले आठ सालों में नई बसें लाने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। 

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BJP's attack on Delhi government
दिल्ली विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

राजधानी दिल्ली  में सार्वजनिक बसों की कमी को लेकर  प्रदेश भाजपा ने चिंता जाहिर की है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि आने वाले दिनों में राजधानी में लोग बे-बस हो जाएंगे। तर्क दिया है कि डीटीसी के बेड़े से इस साल 650 बसें हटने वाली हैं। क्लस्टर बसों को मिलाकर यह संख्या एक हजार के पार चली जाएगी। दिल्ली सरकार के पास नई बसें लाने का सिर्फ झूठा आश्वासन पिछले कई साल से मिल रहा है। 100 इलेक्ट्रिक बसें आई हैं लेकिन खराबी के कारण वे भी मायापुरी डिपो में एक महीने से भी ज्यादा समय से धूल फांक रही हैं।

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बिधूड़ी ने कहा कि राजधानी में इस समय कम से कम 12 हजार बसों की जरूरत है लेकिन आम आदमी पार्टी की अदूरदर्शिता और लापरवाही का नतीजा है कि पिछले आठ सालों में नई बसें लाने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। 

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बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर इस समय 6931 बसें हैं। इनमें से 3887 बसें डीटीसी की, 2950 क्लस्टर बसें और 94 फीडर बसें हैं। ये सभी बसें 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ही खरीदी गई थीं और ये सभी अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं। इन बसों की उम्र 8 साल से बढ़ाकर 10 साल की गई और अब 13 साल की उम्र भी पूरी कर चुकी हैं। अब इनमें से 650 बसें इस साल के अंत तक स्क्रैप होनी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 2025 तक दिल्ली में 10 हजार बसें सड़कों पर लाने का झूठा वादा करते रहे हैं और इसमें से भी 80 फीसदी बसें इलेक्ट्रिक बसें लाने की बात है। ये सिर्फ काल्पनिक वादे हैं। सच्चाई तो यह है कि सरकार वर्तमान संख्या को ही बरकरार रखने में नाकाम हो रही है।

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