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जेएनयू का नाम एमएनयू कर दो, मोदी जी के नाम पर भी तो कुछ होना चाहिए: भाजपा सांसद

Sun, 18 Aug 2019 08:32 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 18 Aug 2019 08:32 AM IST
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BJP MP Hans Raj Hans Statement in jnu on Article 370
हंस राज हंस - फोटो : एएनआई

बीजेपी सांसद हंस राज हंस ने जेएनयू में अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दुआ करो सब अमन से रहें। बम ना चले। हमारे बजुर्गों ने गलतियां की हैं, हम भुगत रहे हैं। 

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दरअसल, बीजेपी सांसद हंस राज हंस जेएनयू में एक कार्यक्रम के शिरकत की थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं कहता हूं इसका (जेएनयू) नाम (एमएनयू) कर दो, मोदी जी के नाम पर भी तो कुछ होना चाहिए। 

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इससे पहले केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला अनुच्छेद-370 आतंकियों और उनके आकाओं के लिए ढाल बन गया था। इसके हटने से जम्मू-कश्मीर का विकास तेजी से होगा। 

नागपुर में राज्य कानूनी सेवा प्राधिकारियों की 17वीं अखिल भारतीय बैठक के उद्घाटन से इतर प्रसाद ने कहा कि 370 के प्रावधानों को हटाने का फैसला जम्मू-कश्मीर ही नहीं पूरे देश के हित में है।


पूर्व एयर वाइस मार्शल कपिल काक, मेजर जनरल अशोक मेहता (सेवानिवृत्त) समेत छह याचिकाकर्ताओं ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल और अनुच्छेद-370 को हटाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इन लोगों ने शनिवार को याचिका दायर की। 

यह भी पढ़ें: अरुण जेटली की हालत नाजुक, वेंटिलेटर से हटाकर ECMO पर रखा गया, मिलने पहुंच रहे कई नेता

अन्य याचिकाकर्ताओं में जम्मू कश्मीर कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैदर तैयबजी, 2010-11 में जम्मू कश्मीर के लिए गृह मंत्रालय के वार्ताकारों में शामिल राधा कुमार, पंजाब कैडर के पूर्व आईएएस अमिताभ पांडे, केरल कैडर के पूर्व आईएएस गोपाल पिल्लई शामिल हैं। 

पिल्लई 2011 में केंद्रीय गृह सचिव भी रह चुके हैं। इन लोगों ने अपनी याचिका में दावा किया है कि संशोधनों से उन सिद्धांतों पर गहरा आघात लगा है जिनके आधार पर जम्मू और कश्मीर का भारत में विलय हुआ था। इसमें कहा गया है कि संशोधन से पहले राज्य की जनता की राय या अनुमोदन नहीं लिया गया जोकि राज्य के संदर्भ में सांविधानिक अनिवार्यता है।

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