अरुण जेटली की हालत नाजुक, वेंटिलेटर से हटाकर ECMO पर रखा गया, मिलने पहुंच रहे कई नेता
- पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत नाजुक।
- शनिवार को मायावती, नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह एम्स पहुंचे थे।
- एम्स प्रबंधन ने भी जेटली का मेडिकल बुलेटिन जारी करना बंद कर दिया है।
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सांस लेने में तकलीफ के बाद पिछले 10 दिन से दिल्ली एम्स में भर्ती पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत नाजुक बनी हुई है। रविवार को भी उनसे मिलने के लिए सियासी नेताओं का आना जारी है। रविवार सुबह संघ प्रमुख मोहन भागवत एम्स पहुंचे और एम्स के कार्डिएक न्यूरो सेंटर में भर्ती पूर्व वित्त मंत्री के परिजनों से मुलाकात की। उनके बाद दोपहर में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी अरुण जेटली से मिलने एम्स पहुंचे।
Delhi: Chief Minister Arvind Kejriwal and Deputy CM Manish Sisodia visited Former Finance Minister and Bharatiya Janata Party (BJP) leader Arun Jaitley at All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) today. pic.twitter.com/hMEyLVfHss
— ANI (@ANI) August 18, 2019विज्ञापन
इससे पहले शनिवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, यूपी की पूर्व सीएम मायावती, सतीश मिश्रा, सतपाल मलिक, बिहार के सीएम नीतीश कुमार एम्स पहुंचे थे। उधर एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि पिछले दो दिन से दिल और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया है। वेंटीलेटर से भी फायदा न होने के कारण अरूण जेटली को एक्मो पर रखा है। डॉक्टरों का कहना है कि अरूण जेटली अभी भी सांस नहीं ले पा रहे हैं। आईसीयू में भर्ती होने के कारण किसी को भी उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। ट्रैकसटॉमी के जरिए अरूण जेटली को सांसें देने की प्रक्रिया की गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल हालत काफी नाजुक होने के कारण भविष्य के बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता। बताया जा रहा है कि परिजनों की अपील के बाद एम्स प्रबंधन ने भी पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली का मेडिकल बुलेटिन जारी करना बंद कर दिया है। बीती रात भी एम्स में गृहमंत्री अमित शाह पूर्व वित्त मंत्री के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। कार्डिएक न्यूरो सेंटर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। बताया जा रहा है कि उनके इलाज के लिए कई डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई है, जिसमें कार्डियोलॉजी, डायबिटीज, लंग्स, कैंसर स्पेशलिस्ट सीनियर फैक्ल्टी को रखा गया है।
बताया जा रहा है कि उनकी ट्रैकसटॉमी की गई है, ताकि बीच बीच में उन्हें वेंटिलेटर से हटाया जा सके। इसी बीच उनकी तबियत फिर बिगड़ जाने की वजह से एक्स्ट्रा-कॉरपोरियल मैम्ब्रेन ऑक्सीजेनेशन (श्वष्टरूह्र) पर रखा गया है। हालांकि इस बारे में एम्स की तरफ से कोई अधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।